यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर यह हड़ताल की जा रही है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत प्रदेश के सभी जिलों में बैंक बंद रहने की संभावना है। इस हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी क्षेत्र के बैंक, विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों के 8 लाख कर्मचारी और अधिकारी शामिल होंगे। आंदोलित बैंक कर्मियों की मांग है कि बैंकिंग उद्योग में 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने के लिए केंद्र सरकार मंजूरी दें। शेष सभी शनिवार (वर्तमान में केवल दूसरा और चौथा शनिवार अवकाश है), को अवकाश घोषित किया जाए।
बता दें कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स लंबे समय से बैंकिंग क्षेत्र में सप्ताह में 5 कार्य दिवस लागू करने की मांग करता आ रहा है। 2015 में हुए 10वें द्विपक्षीय समझौते/7वें जॉइंट नोट में भारतीय बैंक संघ और केंद्र सरकार द्वारा सहमति व्यक्त की गई थी। जिसके अनुसार प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश घोषित किया गया और अन्य शनिवारों को आधे दिन के बजाय पूरा कार्य दिवस किया गया। उस समय यह भी आश्वासन दिया गया था कि शेष सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने की मांग पर उचित समय पर विचार किया जाएगा, किंतु यह मुद्दा लंबित रहा।
मप्र में आज फाइव डे वर्किंग की मांग को लेकर बैंककर्मियों की हड़ताल, 7 हजार ब्रांचों में लगेंगे ताले
भोपाल। बैंकों में 5-डे वीक वर्किंग सिस्टम लागू करने की मांग को लेकर आज मंगलवार को मध्य प्रदेश के करीब 40 हजार बैंककर्मी हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल के चलते प्रदेश भर की 7 हजार से अधिक बैंक शाखाओं में ताले लटकने की आशंका है। इससे चेक क्लियरेंस, नकद लेन-देन समेत बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी और एटीएम में नकदी की कमी भी हो सकती है।












