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मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव के बेटे की शादी में बाबा रामदेव ने पढ़े मंत्र, धीरेन्द्र शास्त्री से बोले- ऐसे ही कराएंगे आपका विवाह


उज्जैन/भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे बेटे अभिमन्यु की शादी की रविवार को उज्जैन के सांवराखेड़ी में आयोजित सामूहिक सम्मेलन में संपन्न हुई। वरमाला के दौरान योग गुरु बाबा रामदेव ने मंत्र पढ़े। सभी रस्मों के बाद मुख्यमंत्री वर-वधू से मिले और उन्हें आशीर्वाद दिया।

शादी की रस्मों के दौरान बाबा रामदेव ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से कहा कि महाराज, आपका विवाह भी ऐसे ही सामूहिक सम्मेलन में कराएंगे। सामूहिक सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मंत्री तुलसी सिलावट और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी भी मौजूद रहे। इस मौके पर अखाड़ा परिषद सभी जोड़ों को सवा लाख रुपये और पतंजलि पीठ की ओर से बाबा रामदेव ने एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की है।

उल्‍लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे पुत्र डॉ. अभिमन्यु की शादी खरगोन निवासी डॉ. इशिता के साथ रविवार को उज्जैन के पावन शिप्रा तट सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुई। सम्मेलन में कुल कन्याओं को विवाह संपन्न हुआ। इस दौरान परोपकार और परंपरा का अद्वितीय संगम देखने को मिला। विवाह परिसर दिनभर मंगलध्वनियों, उत्साह और आशीर्वादों से सराबोर रहा।

रविवार सुबह सुबह आठ बजे इम्पीरियल चौराहा से बरात रवाना हुई। ढोल–ताशों और लोकनृत्य की रौनक के बीच शोभायात्रा में मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट सहित कई मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि शामिल रहे। विवाह स्थल पहुंचते ही आकर्षक मंच पर सभी नवयुगलों की वरमाला रस्म सम्पन्न कराई गई, जिसके बाद पूरा परिसर तालियों और शुभकामनाओं से गूंज उठा।

आशीर्वाद समारोह में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल तथा योग गुरु बाबा रामदेव की विशेष उपस्थिति रही। राज्यपाल और बाबा रामदेव ने इस आयोजन को सामाजिक उत्तरदायित्व, संस्कार और संवेदनशीलता का प्रेरक उदाहरण बताया। इसके बाद 22 विशेष रूप से निर्मित मंडपों में एक साथ पाणिग्रहण और सप्तपदी की रस्में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न हुईं। यादव परिवार ने प्रत्येक नवविवाहित दंपती को संपूर्ण गृहस्थी सामग्री और मोटरसाइकिल भेंट कर नया जीवन शुरू करने के लिए सहयोग का भाव व्यक्त किया। बिना उपहार के केवल आशीर्वाद स्वीकार करने का निवेदन आयोजन की सबसे विशेष भावनात्मक पहचान बना। सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था और सटीक प्रबंधन के बीच समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। शिप्रा तट पर हुआ यह अनोखा आयोजन सामाजिक सद्भाव, संवेदना और साझा उल्लास की अमिट याद छोड़ गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 16 संस्कारों से हमारा सनातन संस्कृति से जुड़ाव है। ये प्रधानमंत्री के मूल भाव सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा पर हम काम कर रहे। यहां कोई बड़ा नहीं, कोई छोटा नहीं। सब दूल्हा- दुल्हन महाराज समान है। सब आज लखपति हो गए। मुख्यमंत्री विवाह सम्मेलन में आए सभी जोड़ों से मिले और उन्हें आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि सभी वर-वधू मेरे बेटे-बेटियों के समान हैं। वहीं, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि संपूर्ण भारत में आज नवाचार हुआ। सामाजिक समरसता का संदेश आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ी ही सहजता से दिया है। ये अभूतपूर्व कार्य है। ऐसे कार्य से समरसता आएगी, बेटी के पिता पर ना कर्ज होगा न विवाह पर ज्यादा खर्च।

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री संबोधित कर रहे थे, तभी योग गुरु बाबा रामदेव ने माइक हाथ में लिया और कहा कि वेडिंग डेस्टिनेशन का कांसेप्ट सराहनीय है। देश का धन देश में ही खर्च होना चाहिए। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी 1375 बेटियों का विवाह करा चुके हैं। अब शीघ्र ही धीरेंद्र शास्त्री जी का भी ऐसे ही कराएंगे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, हरीगिरी महाराज, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्र भी समारोह में शामिल हुए। उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने अतिथियों का आभार माना।

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