रांची में ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर के गार्ड की हत्या का छह घंटे में खुलासा
रांची। रांची के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर परिसर में गुरुवार की देर रात हुई सुरक्षा गार्ड की सनसनीखेज हत्या के मामले को पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर सुलझा लिया है। एसएसपी (राकेश रंजन के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि गार्ड ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मंदिर की संपत्ति और दान पेटी को लुटेरों से बचाने की कोशिश की थी, जिसकी कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। मृतक की पहचान बिरसा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से खूंटी जिले के निवासी थे। बिरसा पिछले 25 वर्षों से जगन्नाथपुर मंदिर में सुरक्षा गार्ड के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। मंदिर प्रबंधन और स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच वह अपनी ईमानदारी और मिलनसार छवि के लिए पहचाने जाते थे।
शुक्रवार की सुबह जब मंदिर परिसर में उनका लहूलुहान शव मिला, तो पूरे इलाके में मातम और आक्रोश फैल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची एसएसपी राकेश रंजन स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और जांच का जिम्मा संभाला। पुलिस ने जब मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो पूरी वारदात की रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीर सामने आई। फुटेज में एक नकाबपोश अपराधी मंदिर में दाखिल होकर दो भारी दान पेटियां चुराकर भागने की कोशिश करता दिखा।
इसी दौरान सतर्क गार्ड बिरसा ने उसे देख लिया और निहत्थे होने के बावजूद लुटेरे का डटकर मुकाबला किया। पकड़े जाने के डर से अपराधी ने पास ही पड़ी लोहे की रॉड से बिरसा के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस हमले में बिरसा गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी दान पेटी से नकदी निकालकर फरार हो गया था।
पुलिस और एफएसएल की टीम ने मौके से हत्या में इस्तेमाल की गई रॉड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं। पुलिस ने तकनीकी इनपुट की मदद से घटना के छह घंटे के भीतर ही हत्यारे को दबोच लिया। एसएसपी ने बताया कि मामले की जांच लूट और हत्या, दोनों एंगल से की गई थी। 25 वर्षों तक मंदिर की रक्षा करने वाले बिरसा की हत्या पर मंदिर समिति के सदस्यों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।











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