जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह वन विभाग की टीम और ग्रामीण हाथी को खदेड़ने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान हाथी अचानक उग्र हो गया और स्पेशल टीम में शामिल एक वनकर्मी को अपनी चपेट में ले लिया। हाथी ने कर्मी को पटक-पटक कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए किसी तरह उसे हाथी से छुड़ाकर सड़क किनारे लाया, लेकिन अस्पताल पहुंचाने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इससे पहले इसी अभियान के दौरान हाथी के हमले में एक अन्य कर्मी भी घायल हुआ था, जिसका इलाज स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया।
हाथी के घिरे होने की सूचना के बाद घटनास्थल से करीब एक से डेढ़ किलोमीटर के दायरे में बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मझगांव के अंचल अधिकारी और स्थानीय पुलिस बल को तैनात किया गया है। लोगों को सुरक्षा कारणों से घटनास्थल के पास जाने से रोका जा रहा है और पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
वन विभाग के अनुसार यह दंतैल हाथी एक जनवरी से लगातार ग्रामीण और रिहायशी इलाकों में घुसकर लोगों पर हमला कर रहा है। अधिकतर घटनाएं रात के समय हुईं, जब लोग अपने घरों में सो रहे थे। लगातार हो रही मौतों और हमलों के बाद झारखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक आशुतोष उपाध्याय और क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक स्मिता पंकज भी प्रभावित क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं। उन्होंने वनकर्मियों के साथ लगातार बैठकें कर क्विक रिस्पांस टीम को सक्रिय रखने और वन सुरक्षा समितियों को अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए हैं।
वन विभाग ने दावा किया है कि हाथी का सटीक लोकेशन मिल चुका है और उसे जल्द ही ट्रैंक्यूलाइज कर सुरक्षित जंगल क्षेत्र में भेज दिया जाएगा।
मझगांव में उग्र हाथी घिरा, ट्रैंक्यूलाइज की तैयारी के दौरान वनकर्मी की मौत
पश्चिमी सिंहभूम। जिले के मझगांव थाना क्षेत्र में पिछले कई दिनों से दहशत का कारण बने उग्र दंतैल हाथी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। बेनीसागर के पास वन विभाग और पश्चिम बंगाल से आई स्पेशल टीम ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से हाथी को घेर लिया है। उसे ट्रैंक्यूलाइज कर सुरक्षित क्षेत्र में स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही है, हालांकि इस अभियान के दौरान हाथी के हमले में एक वनकर्मी की जान चली गई, जिससे पूरे इलाके में शोक और तनाव का माहौल है।












