रांची। पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड मामले में 2016 से जेल में बंद नक्सली राम मोहन सिंह मुंडा की जमानत याचिका एनआईए की विशेष कोर्ट ने खारिज कर दी। राम मोहन सिंह मुंडा उर्फ मोचू नक्सली साजिश रचने और हत्या मामले में आरोपित है।
उल्लेखनीय है कि मामला बुंडू थाना कांड संख्या 65/2008 से जुड़ा है। 9 जुलाई 2008 को तमाड़ के तत्कालीन विधायक रमेश सिंह मुंडा की नक्सलियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसकी जांच एनआईए को सौंपी गई थी।
आरोपित राम मोहन सिंह मुंडा को 8 जुलाई 2016 को गिरफ्तार किया गया था। तब से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है। एनआईए ने राम मोहन सिंह मुंडा को 23 नवंबर 2017 को एप्रूवर (गवाह) बनाया है।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी अब गवाह बन चुका है। बयान पूरा हो चुका है और ट्रायल लंबा चल रहा है। वहीं एनआईए ने कहा कि कानून के अनुसार एप्रूवर को ट्रायल खत्म होने तक हिरासत में रखना अनिवार्य है। मामले में पूर्व मंत्री राजा पीटर और कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन ट्रायल फेस कर रहे हैं।
पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड : नक्सली राम मोहन सिंह मुंडा की जमानत याचिका खारिज












