स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना सोमवार रात करीब 12 बजे की है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। देर रात का समय होने और दुकानें बंद रहने के कारण शुरुआत में किसी को आग लगने की जानकारी नहीं मिल सकी। इसी दौरान दुकानों के भीतर रखे पटाखों ने आग पकड़ ली, जिससे तेज-तेज धमाकों की आवाजें गूंजने लगीं।
पटाखों के लगातार फटने से आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं, जो दूर से ही दिखाई दे रही थीं। धमाकों और आग की भयावहता को देखकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कुछ देर के लिए पूरे इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही एस टाइप क्षेत्र के निवासी एवं सामाजिक कार्यकर्ता संजीव उर्फ बबुआ सिंह मौके पर पहुंचे और तत्परता दिखाते हुए तत्काल दमकल विभाग तथा स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन आग की तीव्रता को देखते हुए तुरंत एक और दमकल वाहन को भी बुलाया गया।
दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान पास में लगे बिजली के ट्रांसफार्मर को सुरक्षित बचा लिया गया। यदि ट्रांसफार्मर आग की चपेट में आ जाता, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी तथा पूरे इलाके में बड़ा हादसा हो सकता था। दमकल विभाग की तत्परता से एक बड़ा संकट टल गया।
राहत की बात यह रही कि इस आगजनी की घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, दोनों दुकानों के मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। दुकान में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया।
फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी हुई है। आग लगने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे दुकानों और घरों में बिजली के तारों व ज्वलनशील वस्तुओं के भंडारण में विशेष सावधानी बरतें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।-
आदित्यपुर में आग लगने से दो दुकानें जलकर राख, ट्रांसफार्मर बचने से टला बड़ा हादसा
सरायकेला। सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत एस टाइप चौक पर सोमवार देर रात भीषण आगजनी की घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आई टाइप ब्लॉक के समीप स्थित ‘बाबू पान दुकान’ समेत दो दुकानें आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर राख हो गईं। आग इतनी भयावह थी कि कुछ देर के लिए पूरा क्षेत्र दहशत के साये में आ गया।












