गुरुग्राम। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के योग गुरू रहे धीरेंद्र ब्रह्मचारी के सिलोखरा गांव स्थित अपर्णा आश्रम की जमीन के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी कर ली गई। आरोपियों ने झूठे दस्तावेज, फर्जी परियोजनाओं का झांसा देकर निवेश करवाकर तथा सेलिंग राइट्स के नाम पर यह धोखाधड़ी की। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने शुक्रवार को बताया कि इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह विवादित होने के बावजूद परियोजनाओं के नाम पर निवेश करवाकर शिकायतकर्ता को गुमराह किया गया।
पुलिस के अनुसार 15 अप्रैल 2026 को एक व्यक्ति ने एक लिखित शिकायत दी। शिकायत में कहा गया कि सीकेसी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर अशोक चौधरी, चंद्रकांत चौधरी तथा उनके अन्य साथियों द्वारा योग गुरू धीरेंद्र ब्रह्मचारी के अपर्णा आश्रम सिलोखरा गुरुग्राम व वैशाली में कथित रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश के नाम पर ठगी की। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने झूठे दस्तावेज व सेलिंग राइट्स के झूठे आश्वासन देकर उसे विश्वास में लिया तथा अलग-अलग समय पर निवेश कराया गया। भुगतान के बावजूद न तो कोई वैध एग्रीमेंट किया गया और न परियोजना पर कोई कार्य शुरू किया गया। न ही समझौते के अनुसार सेलिंग राइट्स दिए गए। बाद में उसे को जानकारी मिली कि संबंधित भूमि विवादित है तथा सरकारी कब्जे में है। पीडि़त की शिकायत पर पुलिस थाना सेक्टर-40 में केस दर्ज किया गया। इस मामले की आगामी जांच अपराध शाखा-1 गुरुग्राम की पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस टीम द्वारा इस मामले में संलिप्त दो आरोपियों को उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-62 से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान अशोक चौधरी (उम्र-60 वर्ष) निवासी गौतम नगर दिल्ली व चंद्रकांत चौधरी (उम्र-40 वर्ष) निवासी बृज विहार जिला गाजियाबाद (उत्तर-प्रदेश) के रूप में हुई है।
आरोपियों से पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी सीकेसी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर हैं। उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से फर्जी रियल एस्टेट परियोजनाओं के नाम पर शिकायतकर्ता को झांसा दिया। उससे निवेश के रूप में करोड़ों रुपये हासिल किए। आरोपियों द्वारा अपर्णा आश्रम की जमीन पर परियोजना के नाम पर लगभग एक करोड़ रुपये तथा वैशाली (नोएडा) स्थित परियोजना में निवेश के नाम पर लगभग चार करोड़ 50 लाख रुपये प्राप्त किए गए। इस राशि में से लगभग एक करोड़ रुपये सीकेसी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए गए। जिसे बाद में आरोपियों द्वारा आपस में बांट लिया गया। आरोपियों ने यह राशि प्राप्त करने के बाद पीडि़त को न तो समझौते के अनुसार सेलिंग राइट्स दिए और न ही कोई वैध कार्रवाई की। शिकायतकर्ता के साथ यह धोखाधड़ी की गई।
गुुरुग्राम: अपर्णा आश्रम की जमीन के नाम पर फर्जीवाड़े से की करोड़ों की ठगी












