एनफोर्समेंट इंस्पेक्टर इंचार्ज रोहतास ने बुधवार को बताया कि यमुना नदी क्षेत्र में अवैध रूप से रेत और बजरी का खनन न केवल पर्यावरणीय संतुलन को नुकसान पहुंचा रहा था, बल्कि नदी के प्रवाह, तटबंधों और आसपास के गांवों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा बन चुका था। लगातार मिल रही शिकायतों, स्थानीय प्रशासन से प्राप्त इनपुट और खुफिया सूचनाओं के आधार पर एनफोर्समेंट की विशेष टीमों ने अलग-अलग समय पर दबिश दी और अवैध खनन में लगे वाहनों को मौके से पकड़ा। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, भारी डंपर और जेसीबी मशीनें बरामद की गईं, जो बिना वैध परमिट और पर्यावरणीय स्वीकृति के यमुना के नदी क्षेत्र में खनन कार्य कर रही थीं।
जब्त किए गए सभी वाहनों को विभागीय परिसर में खड़ा कर सील कर दिया गया है और इनके दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। एनफोर्समेंट विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित वाहन मालिकों, चालकों और खनन कार्य में शामिल अन्य व्यक्तियों के खिलाफ खनन अधिनियम, पर्यावरण संरक्षण कानून और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। एनफोर्समेंट इंस्पेक्टर रोहतास ने दोहराया कि यह अभियान किसी एक दिन या सीमित अवधि तक नहीं रहेगा, बल्कि अवैध खनन के पूरी तरह समाप्त होने तक लगातार जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून तोड़ने वालों के लिए अब कोई रियायत नहीं होगी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सरकार हर स्तर पर कठोर कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
यमुनानगर। हरियाणा में अवैध खनन के खिलाफ सरकार की सख्त नीति के तहत एनफोर्समेंट विंग ने यमुना नदी के किनारे बसे बीबीपुर और रंजीतपुर क्षेत्रों में लंबे समय से सक्रिय अवैध खनन नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए विभाग ने पिछले एक सप्ताह के भीतर 29 वाहनों को जब्त किया है। इस कार्रवाई से अवैध खनन में संलिप्त माफिया और असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।








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