सैक्टर नौ निवासी डाक्टर विरेंद्र ने शनिवार को बताया कि उसने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी पत्नी निशा तथा फिरोज उसकी तेवतिया इंटरप्राइजिज के प्रोपराइटर हैं। आरोपितों ने वर्ष 2023 तथा 24 में उसे पर्सनल लोन लेने के लिए मजबूर किया। आरोपितों ने उस राशि को अपने तथा अन्य रिश्तेदारों के खाते में ट्रांसफर कर लिया। आरोपितों ने आश्वासन दिया कि लोन की किश्त वे खुद भरेंगे। कुछ दिनों के बाद आरोपितों ने किश्त भरने से मना कर दिया। निशा तथा उसके रिश्तेदार घर में रखी ज्वैलरी तथा कैश को भी अपने साथ ले गए। जब उसने एतराज जताया तो आरोपितों ने दहेज के मुकदमें में फंसाने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढाया तो 21 लाख रुपये का गबन सामने आया।
सिविल लाइन थाना के जांच अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस ने डाक्टर विरेंद्र की शिकायत पर राजू तेवतिया, पवन, निशा, फिरोज, अभिषेक, भारत, नवनीत, आदित्य, दिपांशु, हिमांशु, अंजुला, मनीषा के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जींद। सिविल लाइन थाना पुलिस ने डाक्टर का पर्सनल लोन करवा 21 लाख रुपये की राशि तथा ज्वैलरी हड़पने पर 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।













