फतेहाबाद : राजस्थान में हरे पेड़ों की कटाई पर बनाए कानून के विरोध में किया प्रदर्शन
फतेहाबाद। राजस्थान सरकार द्वारा हरे पेड़ों की कटाई पर बनाए गए नए कानून के विरोध बिश्नोई सभा और विभिन्न बिरादरी के लोगों ने आचार्य स्वामी रामाचार्य महाराज के नेतृत्व में टोहाना में प्रदर्शन किया। बीडीपीओ कार्यालय से प्रदर्शन करते हुए लोग एसडीएम कार्यालय पहुंचे और नायब तहसीलदार को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि राजस्थान सरकार ने हरे वृक्ष खेजड़ी की कटाई पर मात्र 1000 रुपये का जुर्माना और सजा माफी का जो कानून बनाया है, वह तर्कसंगत नहीं है।
बिश्नोई समाज का मानना है कि हरे वृक्षों का मूल्य अमूल्य है और ऐसे कानून से लोग बिना किसी डर के पेड़ों की कटाई करने लगेंगे। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के विश्व स्तर पर पर्यावरण बचाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन पेड़ों की अंधाधुंध कटाई को उचित नहीं मानते। उनका तर्क है कि वृक्षों को तैयार होने में कई साल लगते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वे हरे वृक्षों को बचाने के लिए एक सख्त कानून पारित करें। साथ ही, उन्होंने बताया कि साधु-संत, बिश्नोई समाज और सभी वर्ग के लोगों ने 2 फरवरी को बीकानेर में अनिश्चितकालीन महापड़ाव डालने की घोषणा की है, जिसे वे टालना चाहते हैं, बशर्ते उनकी मांगें पूरी हों। इस अवसर पर पूर्व सरपंच दलबीर बिश्नोई, मनोज हनुमान सिंह, ईश्वर बोस्ती, प्रधान बलदेव सिंह, किसान यूनियन से लाभ सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।












