संस्थापक अमित आदिवाल ने बताया कि विश्वविद्यालय में दूर दराज के क्षेत्रों से आने वाले हजारों छात्रों को निजी बसों के परिचालकों की मनमानी का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा सरकार के स्पष्ट आदेश हैं कि सरकारी बस पास सभी मान्यता प्राप्त निजी और सोसाइटी बसों में मान्य होंगे लेकिन धरातल पर नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बस परिचालक न केवल पास लेने से मना करते हैं बल्कि हक मांगने पर छात्रों के साथ अभद्र भाषा और दुव्र्यवहार भी करते हैं, जो बेहद निंदनीय है।
संगठन की उपाध्यक्ष पलक शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री से विशेष अपील की गई है कि इस मामले में जीएम हरियाणा रोडवेज और आरटीए जींद को निर्देशित कर एक विशेष निगरानी कमेटी गठित की जाए। उन्होंने मांग की कि नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और परमिट रद्द करने जैसी सिफारिश की जाए। इस अवसर पर मौजूद सह सचिव राहुल चौहान, मुकुल टंडन, अहसास बरसोला, गौरव मुवाल, आकाशदीप, दीपांशु पातलान, आयुष सैनी, अजय, मंजीत, आर्यन और पीयूष सहित संगठन के सभी सदस्यों ने एकजुट होकर छात्र हितों की रक्षा का संकल्प दोहराया।
जींद : निजी व परिवहन समिति बस संचालक कर रहे छात्रों से दुव्र्यवहार
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) के छात्र संगठन इंडिपेंडेंट यूथ फ्रंट ने निजी और सोसायटी बसों में छात्रों के बस पास मान्य न होने को लेकर सोमवार को वीसी प्रो. रामपाल सैनी को ज्ञापन सौंपा। संगठन के संस्थापक अमित आदिवाल के नेतृत्व में छात्रों ने कुलपति के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि वे प्रदेश में छात्रों को परिवहन के दौरान आ रही इस बड़ी बाधा को दूर करने के लिए तुरंत कड़े निर्देश जारी करें।












