गुरुवार काे जारी जानकारी में उन्होंने कहा कि कई मामलों में प्रॉपर्टी के नाम पर लोगों को गुमराह किया जाता है और बाद में खरीदारों को कानूनी जटिलताओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे क्षेत्रों में न तो निर्माण की अनुमति मिलती है और न ही बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित हो पाती हैं। परिणामस्वरूप निवेशित राशि फंसने की आशंका बनी रहती है।
एसडीएम ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी भूखंड की खरीद से पहले संबंधित विभाग से उसकी स्थिति की पुष्टि अवश्य करें। जिला नगर योजनाकार कार्यालय अथवा नगर निगम से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि संबंधित भूमि अधिकृत कॉलोनी के अंतर्गत आती है या नहीं। उन्होंने कहा कि वैधानिक प्रक्रिया की अनदेखी कर संपत्ति खरीदना भविष्य में विवाद और आर्थिक हानि का कारण बन सकता है। यदि कोई व्यक्ति नियमों के विपरीत कॉलोनी विकसित करता या अवैध निर्माण करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। उपमंडल प्रशासन ने आमजन से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि जागरूकता ही ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
यमुनानगर। यमुनानगर,जगाधरी उपमंडल प्रशासन ने क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित हो रही कॉलोनियों और अनाधिकृत प्लॉटिंग को लेकर नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एसडीएम विश्वनाथ ने स्पष्ट कहा है कि बिना वैधानिक स्वीकृति वाले किसी भी क्षेत्र में संपत्ति खरीदना गंभीर वित्तीय जोखिम को आमंत्रण देना है।













