फतेहाबाद : सेवानिवृ़त्त फार्मासिस्ट हुए साइबर ठगी का शिकार
फतेहाबाद। डिजिटल बैंकिंग के दौर में साइबर अपराधी अब बुजुर्गों को अपना निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला फतेहाबाद के भट्टू कलां क्षेत्र का है, जहां मॉडल टाउन निवासी एक 75 वर्षीय रिटायर्ड फार्मासिस्ट को ‘योनो ऐप’ अपडेट करना भारी पड़ गया। ठगों ने बड़ी चालाकी से उनके बैंक खाते से 95 हजार रुपये उड़ा लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिटायर्ड फार्मासिस्ट प्रकाश चंद्र ने बताया कि वह अपने मोबाइल पर एसबीआई योनो ऐप का इस्तेमाल करते हैं।
पिछले कुछ दिनों से ऐप में तकनीकी समस्या आ रही थी। इसी दौरान उन्होंने फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा, जिसमें ऐप को अपडेट करने के लिए एक फॉर्म भरने का झांसा दिया गया था। प्रकाश चंद्र ने जैसे ही फॉर्म में अपनी जानकारी भरी, वह ठगों के रडार पर आ गए। फॉर्म भरने के कुछ ही देर बाद उनके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉलर ने खुद को एसबीआई का बैंक प्रतिनिधि बताया और ऐप को सुचारू रूप से चलाने में मदद करने की बात कही। ठग ने प्रकाश चंद्र को विश्वास में लेकर व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजी। जैसे ही उन्होंने इस फाइल को डाउनलोड कर ओपन किया, उनका मोबाइल फोन पूरी तरह से हैक हो गया।
हैकर्स ने उनके फोन का रिमोट एक्सेस लेकर बैंक खाते में सेंध लगा दी और किश्तों में कुल 95 हजार रुपये निकाल लिए। जब प्रकाश चंद्र के पास पैसे कटने के मैसेज आए, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन और पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। साइबर थाना अधिकारी का कहना है कि ठगी की सूचना मिलते ही साइबर थाना पुलिस ने धारा के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जिस खाते में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उसे ट्रैक करने की कोशिश की जा रही है।












