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यमुनानगर: बिजली लाइन मुआवजे की मांग पर आंदोलन तेज, प्रशासन पर मनमानी के आरोप


यमुनानगर। यमुनानगर में प्रस्तावित 66 केवी विद्युत लाइन के मुआवजे को लेकर किसानों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। विभिन्न गांवों के किसानों ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आंदोलन को व्यापक रूप देने का निर्णय लिया है। यमुनानगर के गांव बदनपुरी में आयोजित बैठक में क्षेत्र के कई गांवों के किसानों ने भाग लिया और संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाने का भरोसा दिया।

बैठक की अध्यक्षता किसान नेता राजेश दहिया सुढैल ने की। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा मुआवजे के निर्धारण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और तय मानकों की अनदेखी की जा रही है। किसानों का कहना है कि सरकार की घोषित नीति उनके हित में है, लेकिन स्थानीय स्तर पर उसका सही क्रियान्वयन नहीं हो रहा। उन्होंने प्रशासन द्वारा गठित समिति पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि इसमें किसानों के प्रतिनिधित्व को लेकर उनकी राय नहीं ली गई। किसानों ने स्पष्ट किया कि अपने प्रतिनिधि का चयन वे स्वयं करेंगे। बैठक में उपस्थित किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक बिजली लाइन का कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही आंदोलन को और तेज करने की रणनीति पर भी सहमति बनी। किसान नेताओं ने बताया कि आने वाले दिनों में गांव सुढैल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना शुरू किया जाएगा।

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