BREAKING NEWS

logo

फरीदाबाद में अस्पताल की लापरवाही बनी जानलेवा, डिलीवरी के बाद गर्भवती महिला की मौत


फरीदाबाद,। हरियाणा के फरीदाबाद से एक दुखद मामला सामने आया है। फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित मिनी खेतरपाल अस्पताल में डिलीवरी के बाद एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। मृतक महिला नेहा की उम्र लगभग 31 वर्ष बताई जा रही है।

महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इलाज में कोताही बरती गई, जिसकी वजह से महिला की जान चली गई। मृतक महिला के पति दीपक कुमार का कहना है कि उन्होंने अस्पताल में डिलीवरी के लिए अपनी पत्नी को भर्ती करवाया था, जहां उसने डिलीवरी के बाद एक बेटी को जन्म दिया। 

 पति ने आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रशासन की तरफ से आए डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन दे दिया, जिसके बाद उसके मुंह से झाग आने लगे और फिर तड़प-तड़प कर उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश देखा गया। वहीं, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शव को कब्जे में लेकर मेडिकल बोर्ड के माध्यम से पोस्टमार्टम करवाया है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी अनुसार जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। दीपक का कहना है कि उन्होंने अपनी पत्नी को बीते मंगलवार बल्लभगढ़ में आकाश सिनेमा के सामने जगदीश कॉलोनी में स्थित मिनी खेतरपाल अस्पताल में डिलीवरी के लिए लगभग 3 बजे भर्ती कराया था और 6 बजे तक पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया। उन्होंने कहा, "अस्पताल वालों ने नॉर्मल डिलीवरी कहकर सीजेरियन किया, लेकिन डिलीवरी सही से हो गई और बच्चा सही है।

" उनका कहना है कि डिलीवरी के बाद पत्नी की हालत भी ठीक थी, लेकिन जैसे ही दवा का असर खत्म हुआ, उन्हें दर्द होना शुरू हो गया। इस समय उन्हें पेनकिलर लगाया गया। पेनकिलर लगाने के बाद भी उनको दर्द और गैस की दिक्कत हो रही थी। डॉक्टर ने उन्हें दो इंजेक्शन लगाए। इसके बाद भी पत्नी का दर्द कम नहीं हो रहा था, तो डॉक्टर ने एक और सुई ग्लूकोज की बोतल में डालकर चढ़ाना शुरू कर दिया। जैसे-जैसे ग्लूकोज चढ़ रहा था, उनकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ने लगी। यह देखकर उन्होंने ग्लूकोज चढ़ाना बंद कर दिया। इसके बाद डॉक्टर बिना दवा वाली ग्लूकोज की बोतल उन्हें चढ़ाने लगे, लेकिन इसके बाद भी उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और तबीयत काफी ज्यादा बिगड़ गई।

 दीपक ने बताया कि उस समय अस्पताल में कोई डॉक्टर और स्टाफ भी मौजूद नहीं था। महिला की मौत के एक से डेढ़ घंटे बाद अस्पताल में डॉक्टर आते हैं। उनकी शादी को सिर्फ 3 साल हुए हैं और यह उनका पहला बच्चा है। वहीं, परिजनों का कहना है कि अस्पताल में एक महीने पहले भी इसी तरह की घटना हुई थी, जिसमें एक महिला की मौत हो चुकी थी।

Subscribe Now