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फरीदाबाद में 22 करोड़ के गबन में फर्म मालिक गिरफ्तार


फरीदाबाद। एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने नकली बिल लगाकर 22 करोड़ रुपए का गबन करने के मामले में मंगलवार को मैसर्स द डिजाइन कोड फर्म के मालिक सागर को गिरफ्तार किया है। इससे पहले इस मामले में बीडीपीओ पूजा शर्मा सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में पूजा शर्मा और तनुजा शर्मा को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है,जबकि बाकि आरोपी नीमका जेल में बंद है। साल 2023 में ये मामला एंटी करप्शन ब्यूरो को जांच के लिए सौंपा गया था। एसीबी की तरफ से जानकारी दी गई है कि आरोपी सागर गांव नवादा का रहने वाला है। आरोपी से अभी पूछताछ की जा रही है।

 आगे आने वाले समय में कई दूसरे नये खुलासे भी हो सकते है। गौरतलब है कि साल 2020 में कोरोना के दौरान बीडीपीओ पूजा शर्मा ने गांव मुजेड़ी में बिना विकास कार्य किए कार्यवाहक सरपंच ब्रह्मपाल, ग्राम सचिव जोगेन्द्र के साथ मिलकर नकली बिल लगाकर 22 करोड़ रुपए का गबन किया था। जिसमें से 17 करोड़ 14 लाख रुपए का भुगतान अकेले ठेकेदार हीरालाल को हुआ। जबकि गबन के पैसे में से करीब 1 करोड़ 94 लाख 79 हजार रुपए का भुगतान आरोपी सागर की फर्म मैसर्स द डिजाइन कोड को किया गया था। 

इनमें से करीब 17 करोड़ 14 लाख रुपए विभिन्न फर्मों- द डिजाइन कोड, एसके इंटरप्राइजेज, सतगुरु इंटरप्राइजेज, साईं ट्रेडिंग कंपनी, फरहान इंटरप्राइजेज, राघव बिल्डिंग मैटेरियल सप्लायर एंड कॉन्ट्रैक्टर, साकिर बिल्डिंग मैटेरियल सप्लायर एंड कॉन्ट्रैक्टर, हीरालाल, रसीद बिहारी प्रॉपर्टी, मैसर्स श्यामजी एसोसिएट्स आदि को जारी किए गए। फरीदाबाद के तत्कालीन डीसी यशपाल यादव ने सदर थाना बल्लभगढ़ में अप्रैल 2021 में एक स्नढ्ढक्र दर्ज कराई थी।

 इससे पहले डीसी ने कमेटी बनाकर इस मामले की जांच कराई थी। एफआईआर के अनुसार ग्राम पंचायत मुजेड़ी में पूर्व सरपंच रानी, निलंबित ग्राम सचिव विजयपाल द्वारा जनवरी 2020 से मई 2020 तक दो करोड़ 32 लाख 46 हजार 767 रुपए की राशि बिना किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति के निकाली गई थी। जांच करवाई गई तो सामने आया कि पंचायत को 69,01,936 रुपए की वित्तीय हानि हुई। जांच एजेंसी के मुताबिक जब इस मामले की जांच शुरू हुई तो इसमें कई खुलासे सामने आये। जांच में पता चला कि नकली बिल लगाकर इन लोगों के द्वारा 22 करोड़ रूपए का गबन किया है। ्रष्टक्च की जांच के दौरान हीरालाल के साथ दूसरी कंपनियों के खातों में 28 करोड़ रुपए का भुगतान पाया गया था। एसीबी अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ठेकेदार हीरालाल ने बीडीपीओ और तत्कालीन मुजैड़ी के सरपंच के साथ मिलीभगत करके नवंबर 2020 में गांव में पेड़ पौधे लगाने के नाम पर करीब 43 लाख रुपए की धोखाधड़ी की थी। 

जबकि नवंबर-दिसंबर में पेड़ पौधे नहीं लगाए जा सकते। इन पेड़ पौधों को लगाने का बिल जून 2021 के बाद के पाए गए थे। एसीबी ने इस मामले में सितंबर 2025 में बीडीपीओ पूजा शर्मा और ठेकेदार हीरालाल को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि दिसंबर 2025 में तनुजा शर्मा, नंद किशोर और मनोज कुमार को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पूजा शर्मा और तनुजा शर्मा को हाईकोर्ट से बेल मिल चुकी है। जबकि अन्य आरोपी अभी जिला जेल नीमका फरीदाबाद में बंद हैं। मामले में नामजद एक अन्य आरोपी ललित मोहन शर्मा अग्रिम जमानत पर है।

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