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यमुनानगर: पूर्व डिप्टी सीएमओं की पुत्रवधु का परिजनों ने नहीं लिया शव


रातभर अस्पताल में चला हंगामा यमुनानगर। यमुनानगर जिले में रिटायर्ड डिप्टी सीएमओ डॉ. अरुण गोयल की बहु वंशिका गोयल की मौत ने तूल पकड़ लिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग सामने आया है, लेकिन इसके बावजूद मृतका के मायका पक्ष ने मामले को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तक शव लेने से मना कर दिया है। जगाधरी सिविल अस्पताल की मॉर्च्यरी के बाहर परिजन रात भर डटे रहे।

मामले में नया मोड़ तब आया, जब देर रात मृतका के दोनों बच्चे मीडिया के सामने आए। बेटी काशवी और बेटे आदित्य ने घटना के दिन की पूरी स्थिति बताते हुए अपने पिता करण गोयल को निर्दोष बताया और पुलिस से उन्हें घर वापस भेजने की अपील की। बच्चों का कहना है कि घर में ऐसा कोई गंभीर विवाद नहीं था, जिससे उनकी मां इतना बड़ा कदम उठा ले। काशवी ने बताया कि रविवार को परिवार आदि बद्री मंदिर जाने की तैयारी कर रहा था। उनकी मां ने प्रसाद बनाया और बाथरूम चली गईं। कुछ देर बाद जब उन्होंने दरवाजा खटखटाया तो अंदर से जवाब मिला कि वह बाहर आ रही है, लेकिन बाद में काफी देर तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। दरवाजा तोड़ने पर वंशिका फंदे से लटकी मिली। बच्चों का दावा है कि माता-पिता के बीच संबंध सामान्य थे और नए साल का जश्न भी परिवार ने साथ में खुशी-खुशी मनाया था। वहीं, मृतका के मायका पक्ष ने इसे सुसाइड मानने से साफ इनकार किया है। भाई आयुष जैन ने आरोप लगाया कि वंशिका को पिछले तीन साल से दहेज और अन्य बातों को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका कहना है कि पति करण, सास-ससुर और अन्य परिजनों ने मिलकर वंशिका को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया, जिसके चलते उसकी जान गई। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने पति करण गोयल को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मायका पक्ष सास, ससुर और जेठ की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा है। परिजनों ने साफ कहा है कि जब तक सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और बच्चों के बयानों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

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