झज्जर। नगर परिषद झज्जर की मंगलवार को हुई बजट बैठक के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब भारतीय जनता पार्टी की महिला पार्षद भागवंती एडीसी द्वारा फोन न उठाने के मुद्दे पर भड़क गईं। बैठक में डीएमसी का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे एडीसी भी मौजूद थे।
बैठक के बीच पार्षद भागवंती ने आवेश में आकर एडीसी से सीधे सवाल-जवाब करते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। एडीसी जगनिवास को कड़े शब्दों में घेरते हुए कहा कि जनता उनके वार्ड की समस्याओं को लेकर सीधे सवाल करती है और जवाब देना पार्षद की जिम्मेदारी होती है। वार्ड निवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए वह अधिकारियों को संपर्क के लिए प्रयास करती हैं तो सही व्यवहार न होने पर बहुत कष्ट होता है। जब जिला उपायुक्त पार्षदों के फोन उठा लेते हैं, तो एडीसी को फोन उठाने में क्या परेशानी है।
दरअसल, नगर पार्षद भागवंती अपने वार्ड में एक मानसिक रूप से असामान्य बंदर को पकड़ने की कार्रवाई न होने से नाराज थीं। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने बैठक में अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए और जवाबतलबी की। महिला पार्षद के तेवर देख बैठक में मौजूद अन्य पार्षदों ने तालियां बजाकर उनका समर्थन किया। इससे बैठक का माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। विवाद बढ़ने पर एडीसी जगनिवास ने अपनी सफाई देने की कोशिश की, लेकिन महिला पार्षद के सवालों के आगे वह असहज नजर आए। पार्षद ने कहा कि कई बार मजबूरी में अधिकारियों को बार-बार फोन मिलाने पड़ते हैं, क्योंकि जनता की समस्याओं का समाधान करवाना उनकी जिम्मेदारी है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच तालमेल को लेकर चर्चा तेज हो गई हैं।
झज्जर : नगर परिषद की बैठक में एडीसी के फोन न उठाने पर भड़की पार्षद
-महिला पार्षद की बात पर उपस्थित पार्षदों ने बजाई तालियां












