याचिका में वकील अमित राठी ने कहा कि कोर्ट परिसर स्थित उनके चैंबरों में नेटवर्क नहीं आते। अपने मुवक्किलों से बात करने के लिए सारा काम छोड़ कर खुले मैदान में जाना पड़ता है। याचिकाकर्ता अमित राठी ने कहा कि इससे अदालती कामों में काफी विलंब होता है। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि कोर्ट परिसर, विशेष रूप से वकीलों के चेंबर, दो मुख्य कोर्ट बिल्डिंग और टाइपिस्ट कॉम्प्लेक्स में जियो का नेटवर्क पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
अमित राठी ने आवेदन दायर किया है। उनका कहना है कि एक बार किसी मामले में क्लाइंट ने फेसबुक से कुछ सबूत दिखाने थे, लेकिन नेटवर्क की दिक्कतों के चलते वे उस समय वह नहीं देख सके। इसके बाद उन्होंने मन बना लिया था कि वे अदालत का रुख करेंगे। एडवोकेट अमित राठी ने इस मामले में रिलायंस जियो के हेड ऑफिस को संबोधित करते हुए कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर को पार्टी बनाया है।
इसके अलावा पानीपत स्थित ब्रांच मैनेजर को भी इसमें पक्षकार बनाया है। शिकायतकर्ता का तर्क है कि कंपनी के शीर्ष अधिकारी अपनी सेवाओं की गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार हैं और ट्राई के नियमों के तहत ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए बाध्य हैं। पानीपत कोर्ट के एडवोकेट प्रवीण यंत, हितेंद्र राठी, निश्चल रुहल, नरेंद्र भिवान, सुनील शर्मा, सहित सभी वकीलों ने एक स्वर में कहा कि जियो के कमजोर नेटवर्क की वजह से उनका कोर्ट का जरूरी काम बाधित हो रहा है।
पानीपत: कोर्ट परिसर में नहीं आया मोबाइल नेटवर्क तो वकील ने दायर किया केस
पानीपत। पानीपत कोर्ट परिसर में मोबाइल नेटवर्क की समस्या से परेशान वकील ने कोर्ट में केस दायर किया है। वकीलों ने रिलायंस जियो टेलीकॉम कंपनी के खिलाफ लोक अदालत में याचिका दायर कर दी है। याचिका में कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सहित अन्य अधिकारियों को पार्टी बनाया है।












