सतीशा ने शनिवार को बताया कि उसने वर्ष 1995 में सौ गज का प्लाट लेकर आटा चक्की तथा चावल निकालने की मशीन लगाई हुई थी। जिसका बिजली कनेक्शन भी उसके नाम रहा है। वर्ष 2024-25 में उसके भाई प्रवीण ने बिना अनुमति कनेक्शन अपने नाम करवा लिया। उसके भाई प्रवीण तथा जयभगवान ने मिलीभगत कर सौ गज की दुकान भी अपने नाम करवा ली और बदले में सौ गज मकान उसके नाम दिखाया। जब उसने अपनी दुकान की रजिस्ट्री अपनी पत्नी के नाम करवा दी। जिस पर जिसका पता उसके भाई जयभगवान, प्रवीण तथा उसकी पत्नी पूजा को चल गया। आरोपिता ने उसके खिलाफ पुलिस ने शिकायत दे दी। थाने में जाने पर समझौता हुआ कि दुकान प्रवीण के नाम करवानी होगी। जिसके बदले उसे 26 लाख 75 हजार रुपये देने होगे। जिसका जिम्मेवार प्रदीप शर्मा बन गया। रजिस्टरी प्रवीण के नाम करवाने के बाद प्रदीप ने उसे जल्द रुपये देने की बात कही लेकिन उसने रुपये नही दिए।
जींद। शहर थाना नरवाना पुलिस ने धोखाधड़ी कर प्लाट हडपने तथा धमकी देने पर चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया है। ढाकल रोड नरवाना निवासी सतीश ने पुलिस को शिकायत दी है।
जिस पर उसने रजिस्टरी कैंसिल के लिए याचिका दायर कर दी। जिसको लेकर फिर से पंचायत की गई। जिसमें रुपये दिलाने की बात कही गई। जिस प्रधान ने रुपये दिलाने का जिम्मा लिया था, उसने भी मना कर दिया। आरोपितों ने दुकान भी अपने नाम करवा ली तथा 26 लाख 75 हजार रुपये भी नही दिए। शहर थाना नरवाना पुलिस ने सतीश की शिकायत पर उसके भाई प्रवीण, जयभगवान, भाभी पूजा, प्रदीप शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।













