गंभीर हालत के कारण चार घायलों को पानीपत सिविल अस्पताल लाया गया है, जबकि बाकि सात लोग मतलौडा के अस्पताल में उपचाराधीन है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि साथ लगती हैचरी की दीवार ढह गई। इस हादसे में दीवार के पास सो रहे एक ही परिवार के चार सदस्य मलबे के नीचे दबकर घायल हो गए।
साथ ही ट्रांसफार्मर के फटने से निकले गर्म तेल की चपेट सात लोग झुलस गए। पुलिस के अनुसार पीड़ित परिवार हैचरी के पास ही सो रहा था। सुबह अचानक ट्रांसफार्मर जोरदार धमाके के साथ फट गया। धमाके से हैचरी की दीवार गिर गई, दीवार के पास सोए परिवार को संभलने तक का मौका नहीं मिला। मलबे के नीचे दब गए, जिनको लोगों ने निकाला। जिसमें मनसा राम, रंजना, नितेश और सोनम शामिल हैं।
धमाके की आवाज सुनते ही हैचरी के केयरटेकर और आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए मलबे को हटाना शुरू किया व कड़ी मशक्कत के बाद चारों घायलों को बाहर निकालकर मतलौडा अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें पानीपत के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया।
फिलहाल, चारों घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। बच्चों की हालत अधिक चिंताजनक बताई जा रही है। परिवार के मुखिया मनसा राम और उनकी साली रंजना की हालत स्थिर होने का इंतजार किया जा रहा है ताकि उनके बयान दर्ज किए जा सकें।
पानीपत। पानीपत के गांव शेरा में बिजली ट्रांसफार्मर फटने से 11 व्यक्ति झुलस गए। जिसकी सूचना गांव वालों ने तुरंत बिजली कार्यालय व पुलिस को दी। पुलिस ने आकर घायलों को मतलौडा अस्पताल पहुंचाया। जानकारी के अनुसार गांव शेरा स्थित एक पोल्ट्री फार्म हाउस' के पास लगा ट्रांसफार्मर शुक्रवार सुबह आग लगने के बाद जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिसमें ग्यारह व्यक्ति झुलस गए।













