फतेहाबाद। फतेहाबाद जिला पुलिस द्वारा पशु तस्करी और बेजुबानों के प्रति क्रूरता रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना भट्टू कलां पुलिस ने एक कैंटर को कब्जे में लेकर उसमें बेहद अमानवीय तरीके से भरे गए 98 कटड़े-कटडिय़ां बरामद किए हैं। इस मामले में तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया है। मंगलवार को थाना प्रभारी उप-निरीक्षक राधेश्याम ने बताया कि पुलिस टीम अनाज मंडी भट्टू कलां में गश्त पर तैनात थी। इसी दौरान सूचना प्राप्त हुई कि गांव पीली मंदोरी के पास एक संदिग्ध कैंटर को रोका गया है, जिसमें बड़ी संख्या में पशु भरे हुए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर अशोक लेलैंड कैंटर की तलाशी ली। पुलिस की जांच के दौरान कैंटर के अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। आरोपियों ने ज्यादा मुनाफा कमाने और अधिक पशुओं को ले जाने के लिए कैंटर के भीतर लोहे की चादरों से दो मंजिल (पोर्शन) बनाए हुए थे। इन दोनों हिस्सों में कुल 98 कटड़े और कटडिय़ों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। पशुओं की हालत इतनी दयनीय थी कि उन्हें हिलने-डुलने तक की जगह नहीं मिल रही थी। दम घुटने और लंबी दूरी के सफर के कारण एक कटड़े की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मौके से कैंटर चालक सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान सुखमिन्द्र सिंह चालक, सुरजीत और युधवीर के रूप में हुई है। ये तीनों आरोपी जिला फतेहाबाद की रतिया तहसील के गांव बोडा और नंगल के निवासी हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी पशुओं के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज, परमिट या डॉक्टरी प्रमाणपत्र पेश नहीं कर सके। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ थाना भट्टू कलां में पशु क्रूता निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी 97 जीवित पशुओं को तुरंत उपचार और चारे-पानी के लिए श्री कृष्ण प्रणामी गौशाला, पीली मंदोरी में सुरक्षित भिजवा दिया है। मृत पशु का पोस्टमार्टम करवाया गया है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता चल सके। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन पशुओं को कहां से लाया गया था और इन्हें वध के लिए या तस्करी के उद्देश्य से कहां ले जाया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि जिले में पशु तस्करी के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।













