नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने आईएसआईएस के संदिग्ध मोहम्मद वकार लोन की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हए एनआईए को नोटिस जारी किया है। जस्टिस चंद्रधारी सिंह की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले की अगली सुनवाई दो मई को करने का आदेश दिया।
लोन ने 28 जनवरी के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है जिसने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दिया था। याचिका में कहा गया है कि ट्रायल कोर्ट ने उसके लगातार जेल में रहने के बावजूद जमानत देने से इनकार कर दिया।
बतादें कि एनआईए ने 05 मार्च 2021 को केस दर्ज किया था। एनआईए ने 08 सितंबर 2022 को पहला चार्जशीट दाखिल किया था। एनआईए ने तीन आरोपितों मोहम्मद अमीन काठोदी ऊर्फ अबू याह्या, मुशाब अनवर ऊर्फ इब्नावर और रहीश राशीद ऊर्फ सच्चु के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था। एनआईए ने 31 अक्टूबर 2022 को पूरक चार्जशीट दाखिल किया था, जिसमें आठ लोगों को आरोपित बनाया गया था। 31 अक्टूबर 2022 के चार्जशीट में एनआईए ने जिन्हें आरोपित बनाया था, उनमें मुंडाडिगाट्टु सदाननंदा मार्ला दीप्ति ऊर्फ दीप्ति मार्ला ऊर्फ मरियम, मोहम्मद वकार लोन ऊर्फ विल्सन कश्मीरी, मिझा सिद्दीकी, शिफा हैरिस, ओबैद हमीद माटा, मधेश शंकर ऊर्फ अब्दुल्ला उर्फ दरदान, अमर अब्दुल रहीमन, मुजम्मिल हसन भट और इरशाद ठेक्के कोलेथ ऊर्फ बिलाल शामिल हैं। बिलाल किसी दूसरे देश में भाग चुका है।
एनआईए के मुताबिक सभी आरोपित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म को हैंडल कर रहे थे। ये इसका इस्तेमाल टूलकिट के तौर पर कर रहे थे और इसके जरिये आईएसआईएस की विचारधारा का प्रसार कर लोगों को बहकाकर गैर-कानून काम को अंजाम दे रहे थे।
आईएसआईएस के संदिग्ध मोहम्मद वकार लोन की जमानत याचिका पर एनआईए को नोटिस
