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दिल्ली पुलिस ने जब्त की नशीले पदार्थों की खेप, दो तस्कर गिरफ्तार


नई दिल्ली। दिल्ली क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल (एईसीसी) ने नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। दो नशीले पदार्थों के तस्करों, जसवंत सिंह उर्फ ​​लल्लू और अशोक कुमार को कार में अवैध नशीले पदार्थों (स्मैक/हेरोइन) की खेप ले जाते समय 383 ग्राम के साथ गिरफ्तार किया गया है।

दिल्ली पुलिस की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल नशीले पदार्थों के तस्करों की गतिविधियों के बारे में अपराध शाखा की एंटी-एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल को मिली गुप्त सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर अमित सोलंकी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम में एसआई अरविंद, एसआई प्रवीण, एएसआई रविंदर कुमार, एचसी अमित, एचसी नितिन, एचसी सम्राट, एचसी रविंदर और डब्ल्यू/एचसी रूबी शामिल थे। 

 सूचना के अनुसार, उपरोक्त टीम ने सूचना जुटाई और सत्यापन के बाद शुक्रवार को नाहरपुर बस स्टैंड के पास जाल बिछाया और वाहनों की आवाजाही पर नजर रखना शुरू कर दिया। लंबे समय तक निगरानी रखने के बाद एक टाटा पंच कार को रोका गया। उक्त कार में ड्राइवर सहित दो लोग सवार थे। उनकी पहचान जसवंत सिंह उर्फ ​​लल्लू और अशोक सिंह के रूप में हुई। दोनों आरोपी दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके के रहने वाले हैं। 

पूछताछ करने पर उन्होंने पुलिस टीम द्वारा पूछे गए प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर नहीं दिए और अस्पष्ट जवाब दिए। उनकी कार की तलाशी लेने पर कार के स्टीयरिंग के नीचे एक खाली जगह में छिपाकर रखी गई 383 ग्राम स्मैक/हेरोइन की खेप बरामद की गई। बाजार में स्मैक की कीमत एक करोड़ रुपए के आसपास बताई गई है। इससे पहले दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की डब्ल्यूआर-II यूनिट ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने एक इंटरस्टेट ड्रग सिंडिकेट के प्रमुख सदस्य निखिल (28) को गिरफ्तार किया है।

 आरोपी मूल रूप से संजय बस्ती, तिमारपुर का निवासी है और फिलहाल साध नगर पालम कॉलोनी में रह रहा था। निखिल को विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) धीरेंद्र राणा की अदालत ने 1 मई 2025 को दर्ज एफआईआर के तहत घोषित अपराधी घोषित किया था। इस मामले में भलस्वा डेयरी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत धारा 21, 25 और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई हुई थी, जहां नारकोटिक्स सेल ने 400 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। जांच में निखिल की पहचान उस हेरोइन तस्करी के मुख्य स्रोत के रूप में हुई थी। मामला दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रहा था।

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