दिल्ली भाजपा ने सौरभ भारद्वाज को पदमुक्त करने और एससी-एसटी समाज से की माफी की मांग
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी (आआपा) के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के एक बयान को लेकर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि यह बयान बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, उनके द्वारा निर्मित संविधान और देश के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समाज का अपमान है। उन्होंने मांग की कि आम आदमी पार्टी सौरभ भारद्वाज को तत्काल पदमुक्त करे और देश के एससी-एसटी समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि चुनावी हार से हताश आम आदमी पार्टी के नेता रोजाना विवादित बयान देकर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। इसी क्रम में सौरभ भारद्वाज ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के स्वागत भाषण पर टिप्पणी की, जो निंदनीय है।
सचदेवा ने विशेष रूप से सौरभ भारद्वाज के पत्रकार वार्ता की अंतिम पंक्ति पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसमें एनडीए सरकार के कार्यकाल में हुई राष्ट्रपति नियुक्तियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। उन्होंने भारद्वाज के बयान का हवाला देते हुए कहा कि यहां तक कि राष्ट्रपति के पद पर भी ढूंढ़-ढूंढ़ कर ऐसे लोग बिठाए, जिनके सामने मोदी एकमात्र बड़े नेता दिखें।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि एनडीए शासन के दौरान पहले डॉ. प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति रहे, जिनके साथ सरकार के सौहार्दपूर्ण संबंध थे। इसके बाद एनडीए सरकार ने संविधान निर्माता बाबा साहब अम्बेडकर की भावनाओं का सम्मान करते हुए अनुसूचित जाति से आने वाले डॉ. रामनाथ कोविंद और अनुसूचित जनजाति से आने वाली द्रौपदी मुर्मु को राष्ट्रपति पद पर आसीन किया।
सचदेवा ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के इशारे पर दिया गया सौरभ भारद्वाज का यह बयान न केवल राष्ट्रपति पद की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि यह एससी-एसटी समाज का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि दिल्ली भाजपा इस बयान की कड़ी निंदा करती है और आम आदमी पार्टी से तत्काल कार्रवाई की मांग करती है।












