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जशपुर: पुलिस की सख्ती और जागरूकता का असर, सड़क दुर्घटनाओं में मौतों का आंकड़ा घटा


अंबिकापुर/जशपुर। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को गंभीर चुनौती मानते हुए जशपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में यातायात नियमों के पालन को लेकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया, जिसका सकारात्मक असर अब आंकड़ों में साफ दिखाई देने लगा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में जहां एक ओर स्कूल-कॉलेजों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस व सड़क सुरक्षा मितानों के माध्यम से लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं दूसरी ओर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई भी की गई।

जशपुर पुलिस ने वर्ष भर के जारी आंकड़ों में बताया कि नशे में वाहन चलाने, बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने जैसे मामलों में इस वर्ष रिकॉर्ड स्तर पर कार्रवाई की गई है। वर्ष 2024 में जहां नशे में वाहन चलाने के केवल 12 प्रकरण सामने आए थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 326 तक पहुंच गई, जिनमें 31 लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। पुलिस के अनुसार अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं की जड़ नशे में लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाना है, जिससे न केवल चालक बल्कि अन्य राहगीरों और वाहन चालकों की जान भी खतरे में पड़ती है, इसी कारण इस पर विशेष सख्ती बरती गई।

इसी तरह बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने के मामलों में वर्ष 2024 के 173 प्रकरणों की तुलना में वर्ष 2025 में 941 मामलों में कार्रवाई करते हुए चार लाख 74 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। बिना हेलमेट वाहन चलाने पर वर्ष 2024 के 281 मामलों के मुकाबले 2025 में 1644 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 7 लाख 58 हजार 800 रुपये की जुर्माना राशि वसूली गई। ओवर स्पीड के 79 मामलों में एक लाख 8 हजार 700 रुपये, ओवरलोड के 12 मामलों में दाे लाख 13 हजार रुपये, नो पार्किंग के 635 मामलों में एक लाख 90 हजार 500 रुपये तथा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन के 17,160 प्रकरणों में 32 लाख 70 हजार 400 रुपये का जुर्माना वसूला गया।

कुल मिलाकर वर्ष 2024 में यातायात नियमों के उल्लंघन के 8855 प्रकरणों में जहां 6 लाख 59 हजार 200 रुपये का जुर्माना वसूला गया था, वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 20,150 प्रकरणों और 77 लाख 86 हजार 900 रुपये तक पहुंच गया है। पुलिस का मानना है कि सख्ती के साथ-साथ जागरूकता का ही यह परिणाम है कि लोग नियमों को लेकर पहले से अधिक सतर्क हुए हैं।

सड़क दुर्घटनाओं में मौत के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2023 में 256 मौतें दर्ज की गई थीं, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 341 हो गई थी। इसे गंभीर चुनौती मानते हुए जशपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में हर हाल में मौतों की संख्या कम करने का लक्ष्य तय किया था। विभिन्न अभियानों और प्रयासों के चलते 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में मौतों की संख्या घटकर 310 तक लाई जा सकी। हालांकि यह आंकड़ा अभी भी चिंता का विषय है, लेकिन पुलिस का कहना है कि समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से इसमें और कमी लाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।

जशपुर पुलिस सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ‘थ्री ई’ यानी इंजीनियरिंग, एजुकेशन और इंफोर्समेंट मॉडल पर काम कर रही है। इंजीनियरिंग के तहत अति दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों की पहचान कर पीडब्ल्यूडी और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों के माध्यम से सड़कों में सुधार कराया जा रहा है। एजुकेशन के तहत लोगों को यातायात नियमों की महत्ता समझाई जा रही है, जबकि इंफोर्समेंट के माध्यम से नियम तोड़ने वालों पर चालानी कार्रवाई की जा रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन न चलाएं, ओवर स्पीड और नशे में वाहन चलाने से बचें। उन्होंने कहा कि आपका जीवन आपके और आपके परिवार के लिए अमूल्य है, नियमों का पालन कर न केवल अपनी बल्कि दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में पुलिस का सहयोग करें।

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