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आईटीबीपी के जवानाें ने एक गर्भवती महिला काे पहुंचाया स्वास्थ्य केंद्र


नारायणपुर। जिले में तैनात आईटीबीपी के जवानाें काे सूचना मिली कि ग्राम बोटेर की एक गर्भवती महिला की हालत गंभीर है। गांव में न सड़क, न अस्पताल और न ही त्वरित चिकित्सा सुविधा, ऐसे में हर मिनट की देरी जानलेवा साबित हो सकती थी। सूचना मिलते ही आईटीबीपी की 29वीं बटालियन के कमांडेंट के निर्देशन में सहायक कमांडेंट अनिल कुमार के नेतृत्व में एक त्वरित कार्रवाई दल तुरंत रवाना किया गया।

जंगलों से घिरे इस क्षेत्र में कोई सीधा रास्ता नहीं था। जवानों को पगडंडियों, पत्थरीले ढलानों और चढ़ाइयों से होकर गुजरना पड़ा। गांव पहुंचने पर स्थिति और भी गंभीर थी, महिला चलने की स्थिति में नहीं थी। ऐसे में जवानों ने स्थानीय संसाधनों की मदद से तत्काल एक अस्थायी स्ट्रेचर तैयार किया। फिर शुरू हुआ असली संघर्ष-करीब 5 किलोमीटर तक पैदल सफर, कंधों पर जिंदगी का भार, और सामने जंगल-पहाड़ की कठिन चुनौती।

फोटो में साफ दिखता है कि कैसे जवानों ने बारी-बारी से स्ट्रेचर उठाया, रेस्क्यू टीम महिला को बोटेर और कुदमेल के बीच निर्धारित प्वाइंट तक लेकर पहुंची, जहां पहले से एंबुलेंस तैयार खड़ी थी। इसके बाद महिला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र , ओरछा पहुंचाया गया। डॉक्टरों की देखरेख में इलाज शुरू हुआ और राहत की खबर आई-मां और शिशु दोनों सुरक्षित हैं।

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