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भीषण सड़क हादसे पर मंत्री रामविचार नेताम किया शोक व्यक्त , घायलों के समुचित इलाज के निर्देश


बलरामपुर।झारखंड के लातेहार जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने बलरामपुर जिले को गहरे शोक में डुबो दिया है।रामानुजगंज विधायक एवं छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में पोस्ट कर लिखा कि, छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा पर बलरामपुर के समीप हुई यह भीषण सड़क दुर्घटना अत्यंत हृदयविदारक एवं पीड़ादायक है। इस गहन शोक की घड़ी में वे दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।

महुआडांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ओरसा घाटी में रविवार को हुई इस भीषण दुर्घटना में अब मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। हादसे में चार महिलाओं और दो पुरुषों की मौत की पुष्टि हुई है। प्रशासन के अनुसार, छठवां मृतक भी बलरामपुर जिले का निवासी पुरुष है, हालांकि फिलहाल उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

इस दर्दनाक हादसे में 60 से अधिक यात्री घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना स्थल पर ही पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल एक पुरुष यात्री ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

लातेहार पुलिस एवं प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृत महिलाओं की पहचान शांति देवी (45 वर्ष ), प्रेमा देवी (35 वर्ष ), सीता देवी (40 वर्ष ) और सोनमती देवी (42 वर्ष ) के रूप में हुई है। वहीं सुखना भुइयां (40 वर्ष ) की भी मौके पर ही मौत हो गई थी। छठवें मृतक की पहचान सार्वजनिक नहीं हो पाई है।

हादसे में घायल यात्रियों में से 32 लोगों को गंभीर स्थिति में रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जारी है। जरूरत पड़ने पर और घायलों को रिम्स भेजने की तैयारी की जा रही है।

बताया गया है कि बस में लगभग 85 यात्री सवार थे, जो छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से झारखंड के लातेहार जिले के लोध गांव में आयोजित एक सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे थे। ओरसा घाटी के खतरनाक ढलान पर बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे यह भयावह हादसा हुआ। दुर्घटना की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बस में सवार लगभग सभी यात्री किसी न किसी रूप में घायल हुए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी विपिन कुमार दुबे के नेतृत्व में प्रशासन, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। एंबुलेंस एवं स्थानीय वाहनों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया तथा बस में फंसे यात्रियों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही बचाव एवं राहत कार्य तत्परता से प्रारंभ कर दिए गए हैं। प्रशासन की टीमें मौके पर पूर्ण समन्वय के साथ राहत कार्यों का संचालन कर रही हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे में कुल 87 यात्री घायल हुए हैं, जिनमें 27 घायलों का उपचार कार्मेल अस्पताल में तथा 60 घायलों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है।

कैबिनेट मंत्री नेताम ने कहा कि गंभीर रूप से घायल यात्रियों को समुचित एवं त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपचार में किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहे।उन्होंने माँ महामाया से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।

इधर, घटना की खबर मिलते ही बलरामपुर जिले में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

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