जानकारी के अनुसार, पति और पत्नी दोनों आज मंगलवार सुबह महुआ बिनने के लिए खोहरा बीट के जंगल गए थे। इसी दौरान अचानक एक जंगली हाथी ने उस पर हमला कर दिया। प्रेमलाल की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं मृतक के परिजन को मुआवजा की राशि सौंपी गई है।
बताया जा रहा है कि घटना के काफी देर बाद तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में हाथियों की लगातार मौजूदगी के बावजूद वन विभाग द्वारा न तो समय पर कोई चेतावनी जारी की जाती है और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाते हैं। उनका कहना है कि यदि पहले से सूचना दी जाती, तो शायद इस तरह की घटना को टाला जा सकता था।
पिछले छह महीनों में यह दूसरी बड़ी घटना है, जिसमें हाथी के हमले से किसी की जान गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाए, समय-समय पर चेतावनी जारी की जाए और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। इसके अलावा उन्होंने प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की है ।
पार्क परिक्षेत्र अधिकारी राजाराम) ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि विभाग द्वारा क्षेत्र में हाथी की मौजूदगी की सूचना पहले ही दे दी गई थी।हाथियों के दल की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही थी।अधिकारियों के अनुसार, हाथियों का दल अपने मूल झुंड से बिछड़ जाने के कारण अधिक आक्रामक हो गया है।
महुआ बिनने गए दंपति काे हाथी ने दाैड़ाया, पति की माैत ,पत्नी ने भाग कर बचाई जान
मनेन्द्रगढ़। जिले के गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के जनकपुर पार्क परिक्षेत्र में एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर घटना सामने आई है। जंगल में महुआ बिनने गए दंपति का हाथी से सामना हो गया। महिला ने किसी तरह दूर भागकर अपनी जान बचाने में सफल हुई, लेकिन हाथी के हमले में उसके पति की मौत हो गई। मृतक की पहचान प्रेमलाल के रूप में हुई है।












