कांकेर पुलिस और बीएसएफ अधिकारियों ने आज इसकी पुष्टि की। अधिकारियों ने कहा कि मल्लेश को शासन की नीति के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस आत्मसमर्पण से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा।
मल्लेश नक्सल संगठन में लंबे समय से विशेष भूमिका निभाता रहा था। वह दंडकारण्य क्षेत्र में सक्रिय था। पुलिस और जवानों की टुकड़ी लगातार मल्लेश की तलाश में थी। बताया जा रहा है कि स्थानीय ग्रामीणों की मदद से यह नक्सली बीएसएफ कैंप तक पहुंचा। उसने ग्रामीणों की उपस्थिति में हथियार डाल दिया।
छत्तीसगढ़ में नक्सली संगठन को झटका, डीवीसीएम मल्लेश का कांकेर में आत्मसमर्पण
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर के इलाके में सक्रिय रहे नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगा है। बीती रात कांकेर जिले के घोर नक्सल प्रभावित छोटेबेठिया इलाके के बीएसएफ कैंप में नक्सल संगठन डिवीजनल कमेटी मेंबर (डीवीसीएम) मल्लेश ने एके -47 असॉल्ट राइफल के साथ आत्मसमर्पण कर दिया।












