मौसम विभाग के अनुसार 16 जनवरी से प्रदेशभर में एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौट सकती है। रात का तापमान सामान्य से नीचे जाने के साथ कई इलाकों में शीतलहर की स्थिति बनने के आसार हैं।उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में ठंड का असर ज्यादा है। बलरामपुर-रामानुजगंज और सरगुजा अंचल में सर्दी ने लोगों को खासा परेशान किया है। बीते 24 घंटों में इन इलाकों में न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
बीते 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में दर्ज किया गया। वहीं, अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
पिछले दिनों वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण छत्तीसगढ़ में ठंड बढ़ी थी। ये पश्चिमी विक्षोभ हिमालय और उत्तर भारत से ठंडी हवाओं को नीचे की ओर धकेलता है। वहीं तेज जेट स्ट्रीम इन हवाओं को तेजी से मध्य भारत की तरफ आगे बढ़ा देती है, नतीजा यह होता है कि उत्तर भारत की ठंड छत्तीसगढ़ तक पहुंचने लगती है।
यहां पश्चिमी विक्षोभ फ्रिज है और जेट स्ट्रीम पंखा, जो ठंडी हवा को छत्तीसगढ़ तक पहुंचा रहा है। हिमालय और उत्तराखंड क्षेत्र में बर्फबारी और बारिश हो रही है, जिसका असर उत्तरी छत्तीसगढ़ तक महसूस किया जा रहा है। उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही सर्द हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान लगातार 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है।
छत्तीसगढ़ के छह जिलों के लिए शीतलहर चलने की चेतावनी
रायपुर। उत्तर छत्तीसगढ़ में अगले दो दिन कड़ाके की ठंड पड़ेगी। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, सरगुजा और जशपुर इन छह जिलों के एक दो पॉकेट में शीतलहर चलने की चेतावनी दी है।












