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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में हिंसा के बाद मुख्य आरोपित गिरफ्तार ,स्थिति तनावपूर्ण


रायपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले की धर्मनगरी राजिम के दुतकैयां गांव में रविवार देर शाम भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है । गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने आज बताया है कि मुख्य आरोपित आरिफ सहित आरिफ और उसके दो साथी सलीम और इमरान को गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर तथा उसके साथियों पर ग्रामीणों के साथ मारपीट, चाकूबाजी और अशांति फैलाने के मामले में केस दर्ज किया गया है।

रायपुर आईजी और गरियाबंद एसपी मामले की सीधे निगरानी कर रहे हैं ताकि हिंसा के पीछे किसी बड़ी साजिश या उकसावे की जांच की जा सके। आरिफ हाल ही में मूर्ति खंडित करने के पुराने मामले में जमानत पर जेल से बाहर आया था और आरोप है कि उसने गांव में आते ही फिर से मारपीट शुरू कर दी, जिससे हिंसा भड़क गई।

दुतकैयां गांव में हुई हिंसा के बाद पुलिस ने कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू करते हुए इस मामले में 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। भीड़ द्वारा आरोपितों के घरों में आग लगाने और 11 घरों व वाहनों को नुकसान पहुंचाने के मामले में अज्ञात और चिन्हित ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। पुलिस बल पूरे गांव में तैनात है और ड्रोन कैमरों व वीडियो फुटेज के जरिए अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही हैऔर धारा 144 लागू की गई है।


पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार भीड़ द्वारा गरियाबंद एसपी और अन्य पुलिसकर्मियों पर पथराव करने के कारण शासकीय कार्य में बाधा डालने और हिंसा की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। 11 घरों और कई वाहनों में आगजनी के बाद चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। रविवार रात भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस पर भी पथराव हुआ, जिसमें 6 पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं।

अधिकारियों ने बताया है कि पूरा मामला राजिम के फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के दुतकैयां गांव का है। यहाँ दोनों समुदाय के लोगों के बीच करीब तीन वर्ष पहले से संप्रदाय तनाव शुरू हुआ था। तीन वर्ष पहले विशेष संप्रदाय के व्यक्ति ने गांव के शिवजी के मंदिर को तोड़ा था। इसके बाद ग्रामीणों ने आरोपित के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। ग्रामीणों की शिकायत पर उसे पुलिस ने जेल में दाखिल कर दिया था। बीते रविवार विशेष समुदाय का युवक जेल से लौटा तो उसने अपने साथियों के साथ पुराने मामले की गवाही देने वाले ग्रामीणों पर हमला किया। इसके बाद विरोध में गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपितों के घरों का घेराव कर आगजनी कर दी। देर रात तक गाँव में दोनों पक्षों के बीच माहौल तनावपूर्ण रहा।

 हिंसा देखते ही देखते इतना उग्र हो गया कि लोगों ने जमकर एक-दूसरे पर पत्थर बाजी करते हुए जानलेवा हमला किया । जैसे ही इस घटना की सूचना पुलिस को मिली, राजनांदगांव, धमतरी, महासमुंद जिले से पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ग्रामीणों पर लाठीचार्ज किया गया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, किन्तु तनावपूर्ण बताई गई है। जब आई जी मौके पर पहुंचे तब जाकर माहौल थोड़ा शांत हुआ।

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