जशपुर : एनएच-43 पर ड्रोन से हुआ दुर्घटनाजन्य स्थलों का हाईटेक निरीक्षण, त्वरित सुधार के निर्देश
जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सड़क दुर्घटनाओं की प्रभावी रोकथाम और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुचारु एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जशपुर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक- 43 पर चिन्हांकित दुर्घटनाजन्य स्थलों का ड्रोन कैमरे के माध्यम से शुक्रवार काे तकनीकी निरीक्षण किया गया। इस दौरान सड़क की भौतिक संरचना, यातायात प्रवाह, दृश्यता, संकेतक व्यवस्था, सड़क किनारे अवरोधों और दुर्घटनाओं के संभावित कारणों का सूक्ष्म एवं विस्तृत परीक्षण किया गया।
ड्रोन निरीक्षण के दौरान गिरांग तिराहा, होलीक्रास स्कूल घोलेंग के सामने, पोरतेंगा जाने वाला तिराहा, पॉलिटेक्निक कॉलेज मार्ग पर पुलिया के समीप, झरगांव मार्ग तथा भलमंडा चौक जैसे संवेदनशील स्थलों का गहन अवलोकन किया गया। निरीक्षण उपरांत गिरांग तिराहा क्षेत्र में जंक्शन आइलैंड की साफ-सफाई सुनिश्चित करने, डोड़काचौरा रोड में स्थापित अवैध होल्डिंग हटाने तथा रांची रोड स्थित पुलिस कल्याण पेट्रोल पंप, केदार दुकान और अन्य साइन बोर्डों को नियमानुसार हटाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही उक्त क्षेत्र में रम्बलर स्ट्रिप लगाने, भारी वाहन प्रवेश निषेध बोर्ड का युक्तिसंगत स्थान परिवर्तन करने तथा टर्निंग और चेतावनी संकेत बोर्डों की संख्या बढ़ाने के आदेश जारी किए गए।
होलीक्रास स्कूल घोलेंग के सामने विद्यालय चेतावनी संकेत बोर्ड स्थापित करने, यात्री प्रतीक्षालय एवं चर्च मार्ग के समीप रम्बलर स्ट्रिप लगाने तथा सड़क किनारे पेड़ों की डालियों और झाड़ियों की कटाई-छंटाई कराने के निर्देश दिए गए। पोरतेंगा तिराहा के समीप सड़क किनारे वृक्षों की छंटाई कराने और तिराहे पर स्थित गुमटी को नियमानुसार पीछे स्थानांतरित करने के आदेश दिए गए। वहीं पॉलिटेक्निक कॉलेज मार्ग पर पुलिया के समीप मोड़ में स्थित झुरमुट हटाने तथा भलमंडा चौक में आम वृक्ष की डालियों की छंटाई कराने के निर्देश जारी किए गए। इसके अतिरिक्त जामटोली एवं भलमंडा मार्ग में सड़क ढलाई कार्य कराए जाने हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को भी निर्देशित किया गया।
निरीक्षण के दौरान चिन्हांकित कमियों के शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित निर्माण एजेंसियों एवं यातायात प्रभारी जशपुर को समयबद्ध रूप से सुधारात्मक कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। ड्रोन आधारित निरीक्षण के माध्यम से दुर्घटनाजन्य स्थलों की सटीक पहचान कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना पुलिस विभाग की एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।












