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फर्जी ‘नो-एंट्री परमिट’ रैकेट का भंडाफोड़, ट्रैफिक पुलिस ने चालक को दबोचा


नई दिल्ली। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ईस्टर्न रेंज ने फर्जी ‘नो-एंट्री परमिशन’ के जरिए प्रतिबंधित समय में व्यावसायिक वाहनों को चलाने वाले रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक चालक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक लाइट गुड्स व्हीकल जब्त किया गया है।

पुलिस के अनुसार, नंद नगरी सर्किल को सूचना मिली थी कि कुछ वाहन चालक फर्जी नो-एंट्री परमिट का इस्तेमाल कर शाम के प्रतिबंधित समय में सड़कों पर वाहन चला रहे हैं। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने विशेष अभियान चलाते हुए ऐसे वाहनों पर नजर रखनी शुरू की। ईस्टर्न रेंज के ट्रैफिक के पुलिस उपायुक्त के. रमेश ने रविवार को बताया कि घटना 27 मार्च की शाम करीब 6 बजे की है, जब एएसआई आदेश त्यागी और हेड कांस्टेबल अनुज वजीराबाद रोड स्थित लोनी गोलचक्कर के पास ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान उन्होंने एक टाटा ऐस को लोनी गोलचक्कर से खजूरी खास की ओर जाते देखा। इस मार्ग पर शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहती है, जब तक कि उनके पास वैध अनुमति न हो।

जांच के दौरान वाहन के आगे लगे नो-एंट्री परमिट को चेक किया गया, लेकिन चालान सिस्टम में उसकी कोई वैधता नहीं पाई गई। इससे स्पष्ट हुआ कि चालक फर्जी परमिट का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस ने तुरंत चालक और वाहन को कब्जे में लेकर मामला थाना गोकुलपुरी को सौंप दिया।

आरोपित की पहचान सुंदर नगरी निवासी मोहम्मद सलीम (45) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

पूछताछ में आरोपित ने खुलासा किया कि सुंदर नगरी निवासी नाजिम नामक व्यक्ति ने उसकी मुलाकात बुराड़ी ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के पास एक अज्ञात व्यक्ति से कराई थी, जिसने फर्जी नो-एंट्री परमिट तैयार कर दिया। फिलहाल पुलिस नाजिम और अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी है।

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि इस तरह के फर्जीवाड़े पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि वे केवल वैध परमिट के साथ ही सड़कों पर उतरें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

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