नई दिल्ली। राजधानी में प्रतिबंधित दवाओं की अवैध सप्लाई के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने पश्चिमी दिल्ली में सक्रिय एक अवैध दवा आपूर्ति रैकेट का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त कार्रवाई में दो मेडिकल स्टोर संचालकों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कब्जे से भारी मात्रा में ट्रामाडोल कैप्सूल और कोडीन फॉस्फेट युक्त कफ सिरप बरामद किया गया है। पुलिस ने इस कार्रवाई को इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन का बेहतरीन उदाहरण बताया है, क्योंकि पूरी प्रक्रिया राज्य औषधि नियंत्रक (स्टेट ड्रग कंट्रोलर) विभाग के साथ समन्वय में की गई।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त संजीव यादव ने रविवार को बताया कि क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, हाल के दिनों में प्रीकर्सर केमिकल, सिंथेटिक ड्रग्स और कुछ फार्मास्यूटिकल दवाओं के नशीले पदार्थों के रूप में दुरुपयोग और अवैध डायवर्जन की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही थी। इसी के मद्देनजर पुलिस टीम को सक्रिय ड्रग सप्लायर्स के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। 22 सितंबर 2025 को एएनटीएफ की टीम, जिसमें एसआई कृष्ण कुमार ने पश्चिमी जिले के पीरागढ़ी स्थित डीटीसी डिपो के पास खुफिया जानकारी जुटा रही थी। इसी दौरान एक गुप्त सूचना मिली कि सुदर्शन पार्क निवासी विनय मल्होत्रा उर्फ शिवम (47), जो पश्चिम विहार के ए-2 ब्लॉक में “शिवम मेडिकोज” नाम से मेडिकल स्टोर चलाता है। बड़ी मात्रा में ट्रामाडोल कैप्सूल और अन्य प्रतिबंधित दवाएं अवैध रूप से स्टॉक कर सप्लाई कर रहा है।
सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर राकेश दुहान के नेतृत्व में टीम ने तत्काल कार्रवाई की और औषधि विभाग के ड्रग इंस्पेक्टर मोहम्मद हमीद को साथ लेकर मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दुकान की तलाशी ली गई, जिसमें 3,360 ट्रामाडोल कैप्सूल (करीब 2 किलोग्राम वजन) और 84 बोतल कोडीन फॉस्फेट सिरप (प्रत्येक 100 एमएल, कुल 8.4 लीटर) बरामद हुए। आरोपी वैध बिल, प्रिस्क्रिप्शन या स्टॉक रजिस्टर प्रस्तुत नहीं कर सका। ड्रग इंस्पेक्टर ने बरामद दवाओं को अवैध कब्जा घोषित किया। पुलिस उपायुक्त के अनुसार क्राइम ब्रांच में मामला दर्ज कर विनय मल्होत्रा को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में विनय ने खुलासा किया कि वह प्रतिबंधित दवाएं रघुबीर नगर स्थित “अग्रवाल मेडिप्लस” के संचालक चंदन बंसल (40), निवासी विष्णु गार्डन, से खरीदता था। जांच में सामने आया कि चंदन बंसल बिना वैध मांग पत्र और उचित वित्तीय रिकॉर्ड के दवाओं की सप्लाई कर रहा था तथा ट्रामाडोल कैप्सूल का अनिवार्य स्टॉक रजिस्टर भी नहीं रख रहा था। कई फर्मों ने उन दवाओं की खरीद से इनकार किया जिनके बिल आरोपी द्वारा दिखाए गए थे, जिससे रिकॉर्ड फर्जी पाए गए और नियंत्रित दवाओं के अवैध डायवर्जन की पुष्टि हुई। 11 फरवरी 2026 को धारा 67 एनडीपीएस एक्ट के तहत नोटिस पर जांच में शामिल हुए चंदन बंसल को पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब इस नेटवर्क की अंतरराज्यीय सप्लाई चेन की जांच कर रही है और अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
दिल्ली में अवैध दवा सप्लाई रैकेट का भंडाफोड़, दाे गिरफ्तार












