किशनगंज। ठाकुरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अखलाकुर रहमान पर घूसखोरी, मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न तथा पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री बिहार सरकार डॉक्टर दिलीप कुमार जायसवाल को लिखित शिकायत भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों से इंसेंटिव राशि के साथ-साथ वेतन से भी अवैध रूप से घूस की मांग की जाती है। आरोप है कि राशि नहीं देने पर सीएल/एसएल अवकाश स्वीकृत नहीं करने और प्रताड़ित करने की धमकी दी जाती है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सप्ताह में मात्र तीन दिन (सोमवार, मंगलवार और बुधवार) ही ठाकुरगंज में रहते हैं, जबकि शेष दिनों में पूर्णिया स्थित एक निजी अस्पताल में कार्य करते हैं। उन्होंने पिछले तीन महीनों के मोबाइल लोकेशन की जांच कर सत्यता सामने लाने की मांग की है। इसके अलावा शिकायत में कुछ एएनएम कर्मियों के साथ अनुचित संबंध होने का भी आरोप लगाया गया है।शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि प्रभारी द्वारा महिला स्वास्थ्यकर्मियों को अलग-अलग बुलाकर दबाव बनाया जाता है तथा “खुश रखने” पर सुविधा देने की बात कही जाती है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जो कर्मचारी इस तरह के दबाव में नहीं आते, उन्हें टारगेट कर परेशान किया जाता है। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने मंत्री से जांच टीम गठित कर मामले की गहन जांच एवं आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। मंत्री डॉक्टर दिलीप कुमार जायसवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी किशनगंज को समुचित जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।हिन्दुस्थान समाचार/धर्मेन्द्र सिंहThakurganj-CHC-In-charge-Accus
ठाकुरगंज सीएचसी प्रभारी पर घूसखोरी, उत्पीड़न और निजी अस्पताल में ड्यूटी का आरोप, जांच के आदेश
किशनगंज, 28 मार्च (हि.स.)। ठाकुरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अखलाकुर रहमान पर घूसखोरी, मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न तथा पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री बिहार सरकार डॉक्टर दिलीप कुमार जायसवाल को लिखित शिकायत भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों से इंसेंटिव राशि के साथ-साथ वेतन से भी अवैध रूप से घूस की मांग की जाती है। आरोप है कि राशि नहीं देने पर सीएल/एसएल अवकाश स्वीकृत नहीं करने और प्रताड़ित करने की धमकी दी जाती है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सप्ताह में मात्र तीन दिन (सोमवार, मंगलवार और बुधवार) ही ठाकुरगंज में रहते हैं, जबकि शेष दिनों में पूर्णिया स्थित एक निजी अस्पताल में कार्य करते हैं। उन्होंने पिछले तीन महीनों के मोबाइल लोकेशन की जांच कर सत्यता सामने लाने की मांग की है। इसके अलावा शिकायत में कुछ एएनएम कर्मियों के साथ अनुचित संबंध होने का भी आरोप लगाया गया है।शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि प्रभारी द्वारा महिला स्वास्थ्यकर्मियों को अलग-अलग बुलाकर दबाव बनाया जाता है तथा “खुश रखने” पर सुविधा देने की बात कही जाती है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जो कर्मचारी इस तरह के दबाव में नहीं आते, उन्हें टारगेट कर परेशान किया जाता है। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने मंत्री से जांच टीम गठित कर मामले की गहन जांच एवं आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। मंत्री डॉक्टर दिलीप कुमार जायसवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी किशनगंज को समुचित जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।हिन्दुस्थान समाचार/धर्मेन्द्र सिंह
ठाकुरगंज सीएचसी प्रभारी पर घूसखोरी, उत्पीड़न और निजी अस्पताल में ड्यूटी का आरोप, जांच के आदेश










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