आसपास के लोगों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ ही यहां से उठने वाली दुर्गंध असहनीय हो जाती है, जिससे रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह जगह अब मच्छरों और कीटों का अड्डा बन गई है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। लोगों का आरोप है कि नगर परिषद को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। लोगों में इस बात को लेकर खासा आक्रोश है कि स्वच्छता के नाम पर बड़े-बड़े दावे करने वाला प्रशासन जमीनी स्तर पर पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। अगर समय रहते सफाई और ठोस व्यवस्था नहीं की गई, तो यह गंदगी किसी बड़ी बीमारी का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से अविलंब सफाई अभियान चलाकर इस पोखर को कचरा मुक्त करने और नियमित निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को इस समस्या से राहत मिल सके।
इस सम्बंध में वार्ड पार्षद महेश कुमार ने बताया जल्द ही यहां व्यापक रूप से सफाई अभियान चलाया जाएगा, ताकि नागरिकों को गंदगी से निजात मिल सके।
कचरे में तब्दील हुआ पोखर, बदबू और बीमारी के साए में जी रहे लोग, स्थानीय लोगों में आक्रोश
सुपौल। जिले के त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 5 के मंगल बाजार स्थित एक पुराना पोखर इन दिनों कचरे का ढेर बन चुका है। कभी जलस्रोत के रूप में उपयोग होने वाला यह पोखर अब गंदगी, प्लास्टिक और सड़ते कचरे से पूरी तरह पाट दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद नगर परिषद प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं दिख रहा है। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि इस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों को बदबू से बचने के लिए नाक पर रुमाल या कपड़ा रखना पड़ता है।












