सभी उम्मीदवारों ने पीयू को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने को संघर्ष करने की खाई कसम
पटना। पटना विश्वविद्यालय (पीयू) में होने वाले छात्र संघ चुनाव के लिए प्रचार गुरुवार की शाम को थम गया। पीयू में होने वाले छात्र संघ चुनाव की सबसे खास बात यह है कि पहली बार छात्र संघ चुनाव समिति ने पटना साइंस कॉलेज मैदान में ओपन हाउस डिबेट का आयोजन किया था। शनिवार 29 मार्च को मतदान होना है।
मतदान से पहले गुरुवार को संघ चुनाव समिति ने पटना साइंस कॉलेज मैदान में ओपन हाउस डिबेट का आयोजन किया। जिसमें पीयूएसयू चुनाव के सभी आठ अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों को सुधार और विकास का अपना एजेंडा पेश करने के लिए आमंत्रित किया गया।
संघ अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे सभी आठ उम्मीदवारों ने एक-एक कर काफी प्रभावी ढंग से श्रोताओं को संबोधित किया और निर्वाचित होने पर छात्र कल्याण उपायों में सुधार लाने के उद्देश्य से कदम उठाने का वादा किया।
डिबेट के लिए आवंटित पांच मिनट के समय में उम्मीदवारों ने न केवल पीयू को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने और छात्रों को अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों के बराबर सभी सुविधाएं मुहैया कराने की लड़ाई लड़ने की कसम खाई। साथ ही छात्राओं की उचित सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया।
सभी उम्मीदवारों ने शिक्षकों की भारी कमी पर गहरी चिंता जताई और सभी रिक्त पदों को तत्काल भरने की मांग की। कुछ उम्मीदवारों ने उत्तीर्ण विद्यार्थियों के कैंपस प्लेसमेंट के लिए सभी कॉलेजों और स्नातकोत्तर विभागों में प्लेसमेंट सेल बनाने की कहा, जबकि अन्य ने खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा बनाने की मांग की।
छात्रों को संबोधित करने वाले भावी नेताओं में अभाविप की मैथिली मृणालिनी, एनएसयूआई के मनोरंजन कुमार राजा, छात्र राजद की प्रियंका कुमारी, आइसा के विश्वजीत कुमार, एआईडीएसओ की लक्ष्मी कुमारी, ऋतिक रौशन, रवि कुमार और किशु कुमार (निर्दलीय) शामिल थे।
पीयू के विभिन्न संस्थानों से सैकड़ों छात्रों ने अपने नेताओं को धैर्य और शांतिपूर्वक सुना। इस अवसर पर पीयू के मुख्य चुनाव अधिकारी रजनेश कुमार, छात्र कल्याण डीन अनिल कुमार, रजिस्ट्रार शालिनी, प्रॉक्टर मनोज कुमार और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ संकाय सदस्य और अधिकारी मौजूद थे। इस बीच चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को जेपी सीनेट हॉल में मतदान और मतगणना कराने का बुनियादी प्रशिक्षण दिया गया।
पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव का प्रचार थमा, पहली बार ओपन हाउस डिबेट का आयोजन
