संविदा कार्मिक के एपीओ आदेश पर रोक, राज्य सरकार को किया जवाब तलब

संविदा कार्मिक के एपीओ आदेश पर रोक, राज्य सरकार को किया जवाब तलब
जोधपुर : राजस्थान उच्च न्यायालय ने अपने एक आदेश में कहा कि सीएसआर नियम 2022 के अनुसार संविदा कार्मिक का स्थानांतरण नहीं किया जा सकता है। इसके लिए हाईकोर्ट ने संविदा कार्मिक के एपीओ आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को जवाब तलब किया है। जस्टिस संजीत पुरोहित की वेकेशन एकलपीठ ने संविदा लेखा सहायक की रिट याचिका की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए यह अहम आदेश दिया।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता यशपाल खिलेरी ने पैरवी की। डीडवाना कुचामन सीएमएचओ कार्यालय में कार्यरत अभिषेक बोहरा की ओर से अधिवक्ता यशपाल खिलेरी ने रिट याचिका दायर कर बताया कि सीएसआर नियम 2022 के प्रावधानों के अनुसार याचिकाकर्ता की लेखा सहायक पद पर संविदा नियुक्ति हुई थी और वर्तमान में डीडवाना कुचामन के सीएमएचओ कार्यालय में कार्यरत है।

नियमानुसार संविदा कार्मिक का स्थानांतरण एक जगह से दूसरे स्थान पर नहीं किया जा सकता है। वर्तमान में राज्य कर्मचारियों के स्थानांतरण और एपीओ किए जाने पर भी राज्य सरकार द्वारा रोक लगा रखी है जो अभी तक प्रभावी है। बावज़ूद इसके, राज्य सरकार द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को याचिकाकर्ता के स्थान पर पदस्थापित करने के एकमात्र उद्देश्य से याचिकाकर्ता को आदेशों की प्रतीक्षा में करते हुए उसका मुख्यालय एनएचएम, जयपुर कर दिया गया।

जबकि सीएसआर नियम 2022 के नियम 16 के अनुसार उसका स्थानांतरण भी नहीं किया जा सकता है। राजस्थान सेवा नियम अनुसार भी आदेशों की प्रतीक्षा में केवल राजकीय कर्मचारियों और अधिकारियों को विशेष निर्धारित वर्णित परिस्थितियों में ही किया जा सकता है और ऐसी कोई विशिष्ट परिस्थिति भी याचिकाकर्ता के मामले में मौजूद नहीं है।

मामले की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए जस्टिस संजीत पुरोहित की अवकाशकालीन एकलपीठ ने 25 मई 2026 के एपीओ आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार सहित अन्य को जवाब तलब किया। अगली सुनवाई 21 जुलाई, 2026 को नियत की।

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