खूंटी । झारखंड के मिनी धाम के रूप में प्रसिद्ध बाबा आम्रेश्वर धाम में गुरुवार को श्रावणी मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। मेले का उद्घाटन राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, उनकी पत्नी मीरा मुंडा, खूंटी के विधायक राम सूर्या मुंडा सहित अन्य अतिथियों ने नारियल फोड़कर किया। उद्घाटन से पूर्व अर्जुन मुंडा, मीरा मुंडा और राम सूर्या मुंडा ने बाबा भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
पूजा-अर्चना के बाद धाम परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अर्जुन मुंडा ने रुद्राक्ष और आम का पौधा लगाया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सावन के प्रथम दिन रुद्राक्ष का पौधा लगाना सौभाग्य की बात है, लेकिन केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है। उसकी देखभाल और संरक्षण करना भी हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
पत्रकारों से बातचीत में अर्जुन मुंडा ने कहा कि बाबा आम्रेश्वर धाम अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है, जहां प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की कि झारखंड सहित पूरे देश के लोगों को सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें। उन्होंने बाबा अमरेश्वर धाम प्रबंध समिति और जिला प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए हर वर्ष बेहतर व्यवस्थाएं की जाती हैं।
इस दौरान अर्जुन मुंडा ने पिछले वर्ष भारी बारिश में ध्वस्त हुए पहलोल (बनई नदी) पुल के निर्माण में हो रही देरी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि खूंटी से बाबा आम्रेश्वर धाम तक पहुंचने का यह प्रमुख मार्ग है, जो ओडिशा और छत्तीसगढ़ को भी जोड़ता है। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी पुल का निर्माण पूरा नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार से टास्क फोर्स गठित कर शीघ्र पुल निर्माण कराने की मांग की, ताकि श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और व्यापारिक गतिविधियों को होने वाली परेशानी दूर हो सके।
कार्यक्रम में बाबा आम्रेश्वर धाम प्रबंध समिति के अध्यक्ष लाल ज्ञानेंद्र नाथ शाहदेव, महामंत्री मनोज कुमार, रमेश मांझी, नगर पंचायत की अध्यक्ष रानी टूटी, महेंद्र भगत, कृष्णानंद तिवारी सहित जिला प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थेे।





