डेहरी ऑन सोन रासासं । डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने अपने बयान में कहा है कि शुरुआती तौर पर अज्ञात अपराधियों द्वारा मारपीट की बात सामने आई थी, लेकिन जांच में पता चला कि ईओ के ही ड्राइवर ने तनाव के कारण उनकी हत्या कर दी।
श्री वैभव के अनुसार ईओ अपनी गाड़ी से पटना की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि अज्ञात अपराधियों ने मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया है। अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
जब पुलिस ने ड्राइवर से पूछताछ शुरू की तो उसके बयान बार-बार बदल रहे थे। पहले उसने बताया कि दो अपाचे बाइक सवार आए थे, फिर कहा कि एक फौजी बाइक पर लोग आए। शक होने पर कड़ाई से पूछताछ की गई तो ड्राइवर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
उन्होंने ने कहा कि ड्राइवर ने बताया कि वह लंबे समय से अत्यधिक ड्यूटी के कारण तनावग्रस्त चल रहा था। ईओ से समय-समय पर बहस भी होती रहती थी। इसकी पुष्टि नगर परिषद के अन्य स्टाफ से भी की जाएगी।
घटना वाली रात रास्ते में फिर किसी बात को लेकर बहस हुई। ड्राइवर ने बताया कि उसने पेशाब के लिए रुकने को कहा, लेकिन ईओ ने मना कर दिया। इसी बात पर तनाव बढ़ा और गाड़ी रोककर लड़ाई शुरू हो गई। गाड़ी में पीछे रखे प्लंबिंग रॉड से पहले गाड़ी में और फिर ईओ के नीचे उतरने पर लगातार कई बार वार किया गया। घटनास्थल पर मिले खून के निशान इसी से हुए हैं।
हत्या के बाद ड्राइवर ने सबूत मिटाने की कोशिश की। पहले उसने गाड़ी को ऐसे पार्क किया ताकि लगे कि एक्सीडेंट हुआ है। फिर पकड़े जाने के डर से उसने अज्ञात अपराधियों वाली झूठी कहानी बनाकर अपने एक स्टाफ को फोन किया, जिसके बाद पुलिस को जानकारी मिली। उसने हत्या में इस्तेमाल रॉड को पास की नहर में फेंकने की बात भी कबूली है।
उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर लिया है। जिस जगह रॉड फेंके जाने की बात ड्राइवर ने बताई है वहां गोताखोरों को बुलाकर तलाशी ली जाएगी। मर्डर वेपन मिलने के बाद कई बातें और स्पष्ट होंगी।
फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं का सत्यापन कर रही है। अधिकारी ने कहा कि "अभी तक जो अनुसंधान में बातें सामने आई हैं वो क्राइम सीन से मेल खाती हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर बिंदु की जांच की जाएगी।"
मामले में आगे की जांच जारी है।





