रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने महाराष्ट्र, विशेष रूप से मुंबई और पुणे के रेल यात्रियों के लिए कई क्रांतिकारी विकास परियोजनाओं की घोषणा की है। सरकार का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना, यात्रा के समय को कम करना और दैनिक कम्यूटरों को सुरक्षित व आरामदायक सफर की सुविधा प्रदान करना है।
इस दूरदर्शी योजना के तहत मुंबई और पुणे के बीच एक अत्याधुनिक बुलेट ट्रेन कॉरिडोर विकसित करने की योजना तैयार की गई है। रेल मंत्री ने विश्वास जताया कि इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के पूरा होने के बाद दोनों प्रमुख शहरों के बीच की दूरी बेहद कम हो जाएगी, जिससे लोग आसानी से एक ही दिन में जाकर वापस लौट सकेंगे। इससे व्यापारिक और व्यक्तिगत आवाजाही को बहुत बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, मुंबई से हैदराबाद के बीच यात्रा के समय को घटाकर महज 3.25 घंटे करने वाले एक अन्य महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर भी तेजी से काम चल रहा है।
मुंबई की जीवनरेखा मानी जाने वाली उपनगरीय (लोकल) रेलवे सेवाओं को अत्याधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 238 नई स्वचालित दरवाजों (ऑटोमैटिक डोर) वाली एसी लोकल ट्रेनों को मंजूरी दी है। यह कदम लोकल ट्रेनों में होने वाले हादसों को रोकने और यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा। योजना के अनुसार, पहली स्वचालित दरवाजे वाली एसी लोकल ट्रेन वर्ष 2027 में सेवा में शामिल की जाएगी, जबकि 2030 तक सभी 238 ट्रेनें चरणबद्ध तरीके से बेड़े में शामिल कर ली जाएंगी। साथ ही, मुंबई में सुरक्षा और ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए सिग्नलिंग सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है और अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से 15 डिब्बों वाली लोकल ट्रेनों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है।
आगामी गणेशोत्सव के पावन अवसर पर यात्रियों की भारी भीड़ और कोंकण जाने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने विशेष प्रबंध किए हैं। इसके तहत 350 से अधिक फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया गया है, और आवश्यकता पड़ने पर 20 अतिरिक्त ट्रेनें भी तुरंत सेवा में उतारी जाएंगी। रेल मंत्री ने बताया कि मुंबई और इसके आसपास के उपनगरीय क्षेत्रों में वर्तमान में करीब ₹18,000 करोड़ की लागत से विभिन्न रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है, जो आने वाले वर्षों में क्षेत्र के रेल परिवहन की पूरी तस्वीर बदल देंगे।





