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बारिश के मौसम में फ्लू से बचना है तो भूलकर भी न करें ये 5 बड़ी गलतियाँ!

बारिश के मौसम में फ्लू से बचना है तो भूलकर भी न करें ये 5 बड़ी गलतियाँ!
बारिश के दिनों में होने वाली आम बीमारी जैसे सर्दी, खांसी और बुखार, के दौरान की गई कुछ गलतियां परेशानी बढ़ा सकती हैं। इन्हीं बीमारियों में फ्लू भी शामिल है। यह वायरस से होने वाला संक्रमण है, जो नाक और गले के साथ फेफड़ों को भी प्रभावित कर सकता है। फ्लू से उबरने के लिए शरीर को पर्याप्त आराम, पानी और पौष्टिक भोजन की जरूरत होती है। फ्लू होने पर अचानक बुखार, खांसी, गले में दर्द, सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों को भूख भी कम लगती है। अधिकांश लोग घर पर आराम और उचित देखभाल से ठीक हो जाते हैं, लेकिन हर मरीज की स्थिति एक जैसी नहीं होती। 


तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या लगातार बिगड़ती तबीयत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को फ्लू के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बुखार और पसीने के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है। बीमारी के दौरान पानी पीने की इच्छा कम होने से डिहाइड्रेशन का खतरा और बढ़ जाता है। इसलिए दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए। सूप, नारियल पानी और अन्य उपयुक्त तरल पदार्थ भी लिए जा सकते हैं। यदि उल्टी या दस्त की समस्या हो तो शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी तेजी से हो सकती है। 

ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है। चाय और कॉफी को पानी का विकल्प नहीं समझना चाहिए। फ्लू के दौरान शरीर संक्रमण से लड़ रहा होता है, इसलिए ज्यादा काम करने या पर्याप्त आराम नहीं करने से थकान बढ़ सकती है। बुखार और शरीर में दर्द होने पर पर्याप्त नींद लेना जरूरी है। संक्रमण फैलने से रोकने के लिए बीमार व्यक्ति को दूसरों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकना तथा हाथों को साफ रखना भी जरूरी है। भूख कम होने के बावजूद लंबे समय तक खाना छोड़ना उचित नहीं है। शरीर को संक्रमण से लड़ने के लिए ऊर्जा और पोषक तत्वों की जरूरत होती है। ऐसे में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में हल्का और पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। 

दाल, अंडा, दूध, दही और पनीर जैसे प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों के साथ फल और हरी सब्जियां भी आहार में शामिल की जा सकती हैं। खिचड़ी और दलिया जैसे हल्के भोजन भी उपयोगी विकल्प हैं। फ्लू वायरस के कारण होता है, इसलिए हर मरीज को एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। ये दवाएं मुख्य रूप से बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण के इलाज में काम आती हैं और वायरस पर सीधा असर नहीं करतीं। डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक लेना नुकसानदायक हो सकता है।

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