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पंजाब की वोटर लिस्ट से हटा राघव चड्ढा का नाम, 'आप' को दोषी बताते हुआ कहा...

पंजाब की वोटर लिस्ट से हटा राघव चड्ढा का नाम, 'आप' को दोषी बताते हुआ कहा...
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम पंजाब की वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। पंजाब में ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद से इस मामले पर राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है। चड्ढा ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) पर बदले की कार्रवाई के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, आप ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि इस प्रक्रिया में राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है,  क्योंकि एसआईआर  का संचालन चुनाव आयोग द्वारा किया जा रहा है।


चुनाव आयोग द्वारा 13 अगस्त को जारी की गई ड्राफ्ट लिस्ट में चड्ढा का नाम एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट) श्रेणी में दर्शाया गया था। उनके स्टेटस के आगे स्थायी रूप से स्थानांतरित लिखा हुआ था, जिसका अर्थ है कि वे किसी अन्य जगह पर चले गए हैं। हालांकि, ड्राफ्ट से हटाए गए नामों को दोबारा सूची में शामिल करने का प्रावधान है, और 13 अगस्त से 12 सितंबर तक यह प्रक्रिया जारी है। एसआईआर  के बाद पंजाब की अंतिम मतदाता सूची 12 अक्टूबर को जारी होने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि पूरे देश में एसआईआर  के माध्यम से 13 करोड़ से अधिक नाम मतदाता सूचियों से हटाए गए हैं। 


राघव चड्ढा ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे आप सरकार द्वारा बदले की राजनीति का एक नया स्तर बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे पंजाब से राज्यसभा के मौजूदा सांसद हैं और उनका वोटर आईडी मोहाली में पंजीकृत है, तब भी उनका नाम स्थानांतरित (शिफ्टेड) दिखाया गया है। चड्ढा के अनुसार, यह कोई लिपिकीय त्रुटि नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक प्रतिशोध का मामला है। उन्होंने सवाल उठाया कि उन्हें शिफ्टेड किसने बताया और इसका सत्यापन किसने किया?

उनके मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया में शामिल सभी प्रशासनिक स्तरों पर, बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) से लेकर पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक, पंजाब सरकार के अधिकारी ही तैनात हैं। चड्ढा ने कहा कि ये अधिकारी अच्छी तरह जानते हैं कि चुनाव ड्यूटी के बाद आप सरकार उनके स्थानांतरण, पोस्टिंग और करियर को नियंत्रित करती है, और कौन उनका जीवन मुश्किल बना सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आप सरकार राजनीतिक बदला लेने के लिए राज्य के अधिकारियों पर दबाव डालती है। चड्ढा ने यह भी दावा किया कि जब से उन्होंने भ्रष्ट आम आदमी पार्टी छोड़ी है, तब से पार्टी का नेतृत्व गुस्से से जल रहा है। 

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