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पीओके में आजादी की गूंज: शहबाज सरकार और सेना के खिलाफ यूरोप तक विरोध प्रदर्शन की तैयारी

पीओके में आजादी की गूंज: शहबाज सरकार और सेना के खिलाफ यूरोप तक विरोध प्रदर्शन की तैयारी
पाकिस्तान की जबरन हुकूमत से पीओके परेशान हो चुका है। आसिम मुनीर और शहबाज सरकार की ज्यादती हद से ज्यादा हो गई है। अब लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। अब सड़कों पर आर-पार की लड़ाई जारी है। पूरी दुनिया में पीओके की आजादी की गूंज सुनाई दे रही है। अब तो पीओके से मुनीर की सेना को भगाने की तैयारी हो चुकी है, जिस तरह से पीओके में हर जगह पर पाकिस्तानी सेना का कब्जा है, उससे आजादी का शंखनाद हो चुका है। 


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट आवामी एक्शन कमेटी ने आसिम मुनीर की बैंड बजाने की मुनादी कर दी है। अब पीओके में नए सिरे से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होगा। दरअससल, जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट आवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएएसी) ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पीओके में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का नया आह्वान किया है। यह विरोध सुरक्षा बलों की तैनाती और नाकेबंदी के कारण बुनियादी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित किए जाने के खिलाफ है। रावलाकोट में हुई अहम बैठक में आसिम मुनीर की आर्मी के खिलाफ प्लान बनाया गया है। 

इसी बैठक को संबोधित करते हुए आंदोलन के नेता उमर नजीर ने छात्रों, अभिभावकों और सिविल सोसाइटी से क्षेत्र में होने वाले बड़े धरना-प्रदर्शनों में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने यह भी बताया कि इसके समर्थन में ब्रिटेन और यूरोप में भी एकजुटता मार्च आयोजित किए जाएंगे। पीओके में प्रदर्शन की मुख्य वजह सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी के कारण आम जनजीवन में आ रही बाधा है। जेकेजेएएसी का कहना है कि संवेदनशील जिलों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने शैक्षणिक संस्थानों और प्रमुख चिकित्सा केंद्रों पर कब्जा कर लिया है। इसके अलावा कर्फ्यू और सुरक्षा नाकेबंदी के कारण लोगों को जरूरी इलाज और शिक्षा तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। स्थानीय छात्र संगठनों ने स्कूलों, कॉलेजों और क्षेत्रीय अस्पतालों के सैन्य नियंत्रण में जाने पर सवाल उठाए हैं।

जेकेजेएएसी ने अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए कई स्तरों पर प्रदर्शन की योजना बनाई है। संगठन की मांग है कि सुरक्षा नाकेबंदी हटाई जाए और बुनियादी सार्वजनिक सेवाएं बहाल की जाएं। इसके लिए कई चरणों वाली प्रदर्शन योजना तैयार की गई है। मुख्य प्रदर्शन पूंछ डिवीजन के धीरकोट में आयोजित किया जाएगा। आयोजकों ने खास तौर पर माताओं, बहनों और छात्राओं से प्रदर्शन का नेतृत्व करने की अपील की है। जेकेजेएएसी ने क्षेत्र की पीओके की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की भी तैयारी की है। संगठन ने ब्रिटेन के बर्मिंघम और इटली में एकजुटता मार्च आयोजित करने की घोषणा की है। नेतृत्व ने यूरोप में रह रहे कश्मीरी प्रवासियों से बड़ी संख्या में इन प्रदर्शनों में शामिल होने की अपील की है। 

यह नया प्रदर्शन आह्वान स्थानीय सिविल सोसाइटी संगठनों और सुरक्षा बलों के बीच कई महीनों से जारी तनाव के बाद किया गया है। नाकेबंदी और इंटरनेट प्रतिबंधों के कारण क्षेत्र में आवाजाही और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है। जेकेजेएएसी ने कहा है कि वह शांतिपूर्ण विरोध तब तक जारी रखेगा, जब तक मुनीर की आर्मी पीछे नहीं हटती। शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोला नहीं जाता, चिकित्सा केंद्रों को सैन्य मौजूदगी से मुक्त नहीं किया जाता और हिरासत में लिए गए स्थानीय कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं किया जाता।

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