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मध्य प्रदेश कांग्रेस में शुरू हुई बड़ी 'छंटनी', 310 नहीं केवल इतने काम नेताओं के हाथ में होगी कमान

मध्य प्रदेश कांग्रेस में शुरू हुई बड़ी 'छंटनी', 310 नहीं केवल इतने काम नेताओं के हाथ में होगी कमान
मध्यप्रदेश कांग्रेस अब संगठन का आकार छोटा कर उसे ज्यादा सक्रिय और चुनावी जरूरतों के मुताबिक ढालने की तैयारी में है। पार्टी की मौजूदा प्रदेश कार्यकारिणी को अगले एक सप्ताह में भंग किए जाने की संभावना है। इसके बाद करीब दो महीने के भीतर नई कार्यकारिणी घोषित की जा सकती है। नई टीम में उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव समेत अधिकतम 125 पदाधिकारी रखने का फैसला किया गया है। मौजूदा प्रदेश कार्यकारिणी में करीब 310 पदाधिकारी हैं। ऐसे में नई व्यवस्था में करीब 185 पदों की कटौती होगी। 


पार्टी के भीतर इसे केवल संगठन में फेरबदल नहीं, बल्कि निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाकर सक्रिय नेताओं को जिम्मेदारी देने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में कार्यकारिणी को नए सिरे से गठित करने पर निर्णय हुआ था। दिल्ली में हुई प्रदेश कांग्रेस के कामकाज की समीक्षा में यह बात सामने आने के बाद बदलाव की जरूरत महसूस की गई कि बड़ी संख्या में प्रदेश पदाधिकारी संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय नहीं हैं। नई कार्यकारिणी का गठन आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया जाएगा। इसमें सक्रियता, संगठन में काम करने की क्षमता और क्षेत्रीय प्रभाव को प्रमुख आधार बनाए जाने की संभावना है।


कार्यकारिणी भंग होने की खबरों के बाद मौजूदा पदाधिकारियों के बीच नई टीम में जगह को लेकर असमंजस बढ़ गया है। कई नेता अपने स्तर पर नई कार्यकारिणी में शामिल होने के लिए प्रयास कर रहे हैं। अक्टूबर 2024 में घोषित मौजूदा कार्यकारिणी में बड़ी संख्या में पदाधिकारी शामिल किए गए थे, लेकिन अब हाईकमान सीमित संख्या में नेताओं को जिम्मेदारी देने की तैयारी में है। कांग्रेस की नई संगठनात्मक गाइडलाइन के तहत जिलों में भी पदाधिकारियों की संख्या सीमित की जा चुकी है। बड़े जिलों में अधिकतम 51 और छोटे जिलों में 31 पदाधिकारी रखने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश महासचिव संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले का कहना है कि कार्यकारिणी भंग करने और नई कार्यकारिणी घोषित करने का अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान को करना है।


प्रदेश संगठन में बदलाव की प्रक्रिया पहले से चल रही है। कांग्रेस के करीब 60 विभाग और प्रकोष्ठ भंग किए जा चुके हैं। नवंबर 2025 में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा नियुक्त जिला संगठन मंत्रियों की नियुक्तियां भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी थीं। संगठन में बदलाव के बीच कांग्रेस की मीडिया व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। प्रदेश कांग्रेस में पिछले करीब छह महीने से प्रदेश प्रवक्ताओं की नियुक्ति नहीं हुई है। फरवरी में पुराने प्रवक्ताओं को पदमुक्त किए जाने के बाद नए प्रवक्ताओं के चयन के लिए टैलेंट हंट आयोजित किया गया। 


टैलेंट हंट का पहला चरण मार्च में पूरा हुआ, जबकि दूसरा चरण मई में पूरा हुआ। 13 मई को प्रतिभागियों के अंतिम इंटरव्यू भी हो चुके हैं। इसके बावजूद अब तक नए प्रवक्ताओं की सूची जारी नहीं हुई है। पार्टी ने टैलेंट हंट के जरिए करीब 20 प्रदेश प्रवक्ता, मीडिया पैनलिस्ट और जिला प्रवक्ताओं का चयन करने की योजना बनाई थी। यानी कांग्रेस में एक साथ संगठन और मीडिया टीम दोनों के पुनर्गठन की जरूरत महसूस की जा रही है। 

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