अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर के प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज को अधिक पारदर्शी और पेशेवर बनाने के लिए 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। ट्रस्ट ने भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है। चंदा चोरी के आरोपों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर उठे विवादों के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके तहत ट्रस्ट के कामकाज को और अधिक सुचारू बनाने के लिए सीईओ का नया पद सृजित किया गया।
कौन हैं रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा? एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) भारतीय वायु सेना के एक अत्यंत सम्मानित और अनुभवी अधिकारी रहे हैं। उन्होंने देश की सेवा में 39 वर्षों से अधिक का समय बिताया है: जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायु सेना में एक कुशल और अनुभवी फाइटर पायलट के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। जनवरी 2025 में उन्होंने भारतीय वायु सेना की सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील operational कमांड्स में से एक, 'वेस्टर्न एयर कमांड' की कमान संभाली थी। अपनी नियुक्ति के कुछ ही महीनों बाद उन्होंने अत्यंत महत्वपूर्ण 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान वेस्टर्न एयर कमांड का सफल और प्रभावी नेतृत्व किया था। सैन्य सेवा में उनके लंबे अनुभव, अनुशासन और रणनीतिक प्रबंधन क्षमता को देखते हुए ही ट्रस्ट ने 5,500 से अधिक आवेदनों की स्क्रीनिंग के बाद उन्हें इस शीर्ष पद के लिए चुना है।
सीईओ के पास होंगी कौन-कौन सी शक्तियां और अधिकार? राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के अनुसार, ट्रस्ट को पेशेवर और पारदर्शी तरीके से चलाने के लिए सीईओ का पद बेहद अहम है। नए प्रशासनिक नियमों के तहत जितेंद्र मिश्रा को व्यापक अधिकार दिए गए हैं: मंदिर परिसर, ट्रस्ट के दैनिक कार्यों, कर्मचारियों के प्रबंधन और अयोध्या में चल रही विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन का पूरा प्रशासनिक नियंत्रण सीईओ के पास रहेगा। ट्रस्ट में आने वाले दान, बजट आवंटन, निर्माण कार्यों के खर्च और वित्तीय लेन-देन पर निगरानी और स्वीकृति देने की शक्तियां सीईओ में निहित होंगी। इससे 'राम धन' के उपयोग में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। ट्रस्ट से जुड़े कानूनी मामलों, अनुबंधों, और सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं के साथ पत्राचार व समझौतों के लिए सीईओ के पास पूर्ण वैधानिक अधिकार होंगे। सीईओ सीधे राम मंदिर ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी (महामंत्री) को रिपोर्ट करेंगे और उनके मार्गदर्शन में काम करेंगे।