बेंगलुरु की दैनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम, तीव्र और विश्वस्तरीय बनाने के उद्देश्य से 'बेंगलुरु सबअर्बन रेलवे प्रोजेक्ट' को गति प्रदान करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की मुख्य कार्यान्वयन एजेंसी 'रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड' यानी के-राइड ने ट्रेनों के निर्माण और आपूर्ति के लिए देश की प्रतिष्ठित रेल डिब्बा निर्माण इकाई 'इंटीग्रल कोच फैक्ट्री', चेन्नई के साथ एक औपचारिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस ऐतिहासिक समझौते के तहत चेन्नई स्थित आईसीएफ बेंगलुरु सबअर्बन नेटवर्क के लिए कुल 51 आधुनिक और वातानुकूलित ट्रेनों की आपूर्ति करेगा। इन 51 ट्रेनों में कुल मिलाकर 153 आधुनिक कोच शामिल होंगे, जिन्हें तीन-तीन डिब्बों वाले ट्रेन सेट के रूप में संचालित किया जाएगा। के-राइड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'बाई-राइड' ने इस परियोजना के प्रथम चरण में कॉरिडोर-2 (मल्लेश्वरम से चिक्काबनावर) और कॉरिडोर-4 (हीललिगे से राजनकुंटे) के लिए आवश्यक इन मेट्रो-शैली के उन्नत कोचों की आपूर्ति हेतु आईसीएफ को ₹1,513 करोड़ का बड़ा वर्क ऑर्डर जारी किया है।
इस वृहद अनुबंध के अंतर्गत आईसीएफ केवल डिब्बों का निर्माण ही नहीं करेगा, बल्कि उनकी गुणवत्ता जांच, आधुनिक इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल प्रणालियों का इंटीग्रेशन, कड़े सुरक्षा परीक्षण और अंतिम कमिशनिंग का संपूर्ण कार्य भी खुद ही संभालेगा। समयसीमा और आपूर्ति योजना के विषय में आईसीएफ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि डिजाइनिंग और तकनीकी मानकों की मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात् वित्तीय वर्ष 2027-28 तक पहले 4 ट्रेन सेट बेंगलुरु पहुंच जाएंगे। इसके बाद बाकी बचे 47 ट्रेन सेट वित्तीय वर्ष 2028-29 तक चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह डिलीवर कर दिए जाएंगे।
ये सभी सबअर्बन ट्रेनें पूरी तरह से अत्याधुनिक, जंग-रोधी स्टेनलेस स्टील से निर्मित होंगी, जिनकी अधिकतम परिचालन गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। 3-कोच वाली प्रत्येक ट्रेन की यात्री क्षमता एक समय में लगभग 350 यात्रियों को ले जाने की होगी। इन डिब्बों के आंतरिक लेआउट को विशेष रूप से पीक अवर्स के दौरान खड़े होकर यात्रा करने वाले कम्यूटरों की सुविधा, आसान आवाजाही और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।
के-राइड के प्रबंध निदेशक लक्ष्मण सिंह ने इस समझौते को शहर के बुनियादी ढांचे के लिए क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि इस आधुनिक रोलिंग स्टॉक की खरीद से बेंगलुरु और उसके आसपास के उपनगरीय एवं औद्योगिक क्षेत्रों के बीच सीधी और निर्बाध कनेक्टिविटी स्थापित होगी। इससे सड़कों पर निजी गाड़ियों का दबाव कम होगा, वायु प्रदूषण में गिरावट आएगी और बेंगलुरु शहर को लंबे समय से परेशान कर रहे विकराल ट्रैफिक जाम से स्थायी राहत मिलेगी।