प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दोनों दल बदलू नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। राघव चड्ढा हरभजन सिंह सयानी घोष हेमंत विश्वा शर्मा तथा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री जिन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया है।उनसे प्रधानमंत्री मिलकर चर्चा कर रहे हैं।इससे दिल्ली की राजनीति में सरगर्मी बढ़ गई है। इसे मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।जाति जनगणना और परिसीमन बिल तथा छात्र आंदोलन को लेकर प्रधानमंत्री सबका मन ले रहे हैं। इस समय प्रधानमंत्री की सक्रियता सीधे बढ़ गई है। वहीं गृहमंत्री अमित शाह की सक्रियता अन्य राजनीतिक दलों के साथ घट गई है।
कई राज्यपालों के पदों की नियुक्तियां होनी है। कई राज्यपालों का कार्यकाल खत्म हो गया है,कुछ का खत्म होने जा रहा है। ऐसी स्थिति में राज्यपाल बनने के लिए भाजपा के नेता सक्रिय हैं। राज्यपाल के लिए सरकार की सक्रियता बढ़ गई है। दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल विनय सक्सेना को कोई बड़ा राज्य मिलने की संभावना है। अभी वह लद्दाख जैसे छोटे राज्य के राज्यपाल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के रिश्ते गुजरात से बहुत अच्छे हैं।दिल्ली सरकार को निपटाने में उन्होंने असाधारण योग्यता का परिचय दिया था। अब पदोन्नति में बड़ा राज्य मिलने की संभावना है।
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय सक्सेना का जल्द ही लद्दाख से ट्रांसफर होने वाला है। उन्हें बड़ा राज्य मिलेगा। लद्दाख का राज्यपाल कौन बनेगा? इसको लेकर तरह-तरह की अटकलों का दौर शुरू हो गया है। जंतर मंतर में कॉकरोचों के प्रदर्शन के दौरान सोनम वांगचुक की प्रदर्शन खत्म कराने में भूमिका महत्वपूर्ण थी। उनका नाम भी चर्चाओं में आ रहा है। केंद्र सरकार सोनम वांगचुक को नाराज नहीं करना चाहती है। यदि वह उपराज्यपाल बनने के लिए तैयार हो जाएंगे, तो सरकार उन्हें उपराज्यपाल पद दे देगी,ऐसा कहा जा रहा है।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की मंत्रिमंडल विस्तार में पदोन्नति होने जा रही है? उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया जाएगा। कोई अच्छा विभाग दिया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इन दिनों दिल्ली जंतर मंतर में हुए आंदोलन को लेकर घिरे हुए हैं। एक अज्ञात रिपोर्ट जंतर मंतर थाने में दर्ज हुई है। राहुल गांधी उनके स्तीफे के पीछे पड़ गए हैं। अमित शाह नित्यानंद के घर जाकर उनसे मिले थे। तब से यह खबर तेजी के साथ दौड़ रही है। यह माना जा रहा है, नित्यानंद राय केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के रूप में कुछ ऐसा करेंगे। जिससे अमित शाह का बचाव हो सकता है?आगे चलकर उन्हें गृह मंत्री का प्रभार मिल जाए, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। दिल्ली के लुटियन जोन में इस तरह की खबरें बड़ी तेजी के साथ सुनने को मिलती हैं।कितना सही है, कितना गलत है, यह तो वक़्त ही बताएगा।