पटना: बिहार सरकार ने सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए बायोमैट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी है। इसके साथ ही स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों को वेतन उनकी दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही दिया जाएगा।
जारी सख्त आदेश के अनुसार, सभी विभागों, कार्यालयों और संबद्ध संस्थानों में कर्मचारियों को निर्धारित समय पर बायोमैट्रिक प्रणाली के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। बिना वैध कारण के अनुपस्थित रहने या उपस्थिति दर्ज न करने की स्थिति में वेतन भुगतान प्रभावित हो सकता है।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य कार्यालयों में अनुशासन बढ़ाना, समयबद्ध कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करना और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना है। संबंधित विभागों को आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली से कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति की निगरानी आसान होगी और कार्य निष्पादन में पारदर्शिता आएगी। सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद सरकारी कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।